मुंबई के पर्यावरण और मैंग्रोव संरक्षण का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। इसी बीच Aaditya Thackeray ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट करते हुए राज्य सरकार पर परोक्ष रूप से निशाना साधा और गोरई के मैंग्रोव पार्क को जल्द से जल्द खोलने की मांग की।
दरअसल, मुंबई और आसपास के तटीय इलाकों में मैंग्रोव लंबे समय से पर्यावरण संरक्षण के लिहाज से बेहद अहम माने जाते हैं। बढ़ते शहरीकरण और निर्माण कार्यों के बीच इन मैंग्रोव क्षेत्रों को बचाना हमेशा से एक बड़ी चुनौती रहा है। इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए कुछ साल पहले गोरई में एक मैंग्रोव पार्क और इंटरप्रिटेशन सेंटर विकसित करने की योजना शुरू की गई थी, ताकि लोग मैंग्रोव के महत्व को करीब से समझ सकें और पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़े।
I have written to the Forest Minister Ganesh Naik ji today, requesting him once again to inaugurate and open the mangrove park in Gorai.
As Environment Minister (2019-22), I had the privilege to initiate this work and it has been complete as of last year.
It has seen multiple… pic.twitter.com/v8qYUIU9Kp
— Aaditya Thackeray (@AUThackeray) March 9, 2026
अब इस मुद्दे को लेकर आदित्य ठाकरे ने फॉरेस्ट मिनिस्टर Ganesh Naik को पत्र लिखते हुए कहा है कि गोरई का यह मैंग्रोव पार्क पिछले साल तक पूरी तरह तैयार हो चुका है, लेकिन इसके बावजूद इसे अभी तक आम लोगों के लिए नहीं खोला गया है। उन्होंने बताया कि पार्क के उद्घाटन की कई तारीखें पहले भी घोषित की जा चुकी हैं, मगर किसी न किसी वजह से यह अब तक बंद ही पड़ा है।
आदित्य ठाकरे ने अपने पोस्ट में लिखा कि उन्होंने इस मुद्दे पर पहली बार मई 2025 में भी पत्र लिखा था और अब एक बार फिर उन्होंने राज्य सरकार से आग्रह किया है कि इस टूरिस्ट और इंटरप्रिटेशन सेंटर को जल्द से जल्द जनता के लिए खोला जाए। उनका कहना है कि अगर यह पार्क खुलता है तो लोग मैंग्रोव को करीब से देख पाएंगे और उनके संरक्षण की अहमियत को बेहतर तरीके से समझ सकेंगे।
अपने पोस्ट में आदित्य ठाकरे ने अपने कार्यकाल का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब वे 2019 से 2022 के बीच पर्यावरण मंत्री थे, तब मैंग्रोव संरक्षण उनके लिए प्राथमिकता थी। उन्होंने दावा किया कि उनकी टीम ने महज 11 महीनों में करीब 15,000 हेक्टेयर मैंग्रोव क्षेत्र को इंडियन फॉरेस्ट एक्ट के तहत संरक्षण दिलाया था।
Every post from @supriyasahuias ji proves why there could be no better candidate for UN Champion of the Earth than her.
A mix bag of happy jealousy as I see her department in Tamil Nadu take phenomenal strides in environment conservation, and growth.
What truly is amazing is… https://t.co/zQOl7QJfGP
— Aaditya Thackeray (@AUThackeray) March 9, 2026
इसके साथ ही आदित्य ठाकरे ने तमिलनाडु कैडर की आईएएस अधिकारी Supriya Sahu के एक ट्वीट को भी रीपोस्ट किया और उनकी तारीफ करते हुए लिखा कि उनकी हर पोस्ट यह साबित करती है कि “UN Champion of the Earth” जैसे सम्मान के लिए वे सबसे उपयुक्त उम्मीदवारों में से एक हैं। उन्होंने यह भी कहा कि तमिलनाडु में पर्यावरण संरक्षण और औद्योगिक विकास के बीच जिस तरह संतुलन बनाया गया है, वह वाकई सराहनीय है।
आदित्य ठाकरे के इस पोस्ट के बाद एक बार फिर मुंबई में मैंग्रोव संरक्षण और पर्यावरण से जुड़े प्रोजेक्ट्स को लेकर राजनीतिक बहस तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। फिलहाल सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि राज्य सरकार गोरई मैंग्रोव पार्क को जनता के लिए खोलने को लेकर कब और क्या फैसला लेती है।
