महाराष्ट्र में Gudi Padwa के पावन अवसर पर जहां एक ओर लोग नए साल का जश्न मना रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सोना-चांदी की कीमतों (Gold and silver prices) में आई गिरावट ने बाजार में अलग ही चर्चा छेड़ दी है। आमतौर पर त्योहारों के दौरान कीमती धातुओं के दाम बढ़ते हैं, लेकिन इस बार तस्वीर बिल्कुल उलट नजर आई।
आज के दिन सोने की कीमत जीएसटी सहित करीब 1,58,105 रुपये तक पहुंची, जबकि चांदी 2,57,500 रुपये के स्तर पर रही। कीमतों में आई इस गिरावट ने ग्राहकों को राहत जरूर दी है, लेकिन बढ़े हुए सालाना दामों ने खरीदारों का बजट भी बिगाड़ दिया है।
दरअसल, Gudi Padwa को साढ़े तीन मुहूर्तों में से एक माना जाता है, और इस दिन सोना-चांदी खरीदना बेहद शुभ समझा जाता है। मान्यता है कि इस दिन खरीदी गई कीमती धातुएं सालभर समृद्धि और बरकत लाती हैं। ऐसे में बाजारों में सुबह से ही खरीदारों की हलचल देखने को मिली।
हालांकि, अगर सालाना तुलना करें तो इस बार सोने की कीमत में करीब 70 हजार रुपये और चांदी में डेढ़ लाख रुपये से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यानी भले ही आज कीमतों में गिरावट दिख रही हो, लेकिन कुल मिलाकर कीमती धातुएं अब भी काफी महंगी बनी हुई हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों ने इस उतार-चढ़ाव में अहम भूमिका निभाई है। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump की टैरिफ नीतियां, Russia-Ukraine War और वैश्विक आर्थिक अस्थिरता का असर सोने-चांदी के बाजार पर साफ देखने को मिला है।
इसके अलावा हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और युद्ध जैसे हालात के कारण कीमतों में अस्थिरता आई है, जिससे फिलहाल बाजार में गिरावट और स्थिरता दोनों के संकेत मिल रहे हैं।
ज्वैलर्स का कहना है कि 2025 सोने-चांदी के लिए एक ऐतिहासिक साल रहा, जिसमें रिकॉर्ड स्तर की तेजी देखने को मिली। हालांकि, मौजूदा गिरावट को वे अस्थायी मान रहे हैं। उनका मानना है कि जैसे ही अंतरराष्ट्रीय हालात सामान्य होंगे, कीमतों में एक बार फिर तेजी आ सकती है।
ऐसे में इस गुड़ी पड़वा पर ग्राहकों के सामने एक दिलचस्प स्थिति है—एक तरफ शुभ मुहूर्त और गिरती कीमतों का मौका, तो दूसरी तरफ लंबे समय में महंगे होते सोना-चांदी का दबाव। अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में बाजार किस दिशा में आगे बढ़ता है।



