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CCTV in schools Maharashtra: राज्य के केवल 50% सरकारी स्कूलों में ही लगे हैं सीसीटीवी कैमरे: शिक्षा मंत्री ने माना, छात्रों की सुरक्षा पर उठे सवाल

राज्य के केवल 50% सरकारी स्कूलों में ही लगे हैं सीसीटीवी कैमरे: शिक्षा मंत्री ने माना, छात्रों की सुरक्षा पर उठे सवाल

जो इंडिया / मुंबई : राज्य के स्कूलों (State schools) में छात्रों की सुरक्षा (CCTV in schools Maharashtra) को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की जा रही है। महाराष्ट्र विधान परिषद में स्कूल शिक्षा मंत्री दादा भुसे (Education Minister Dada Bhuse) ने यह स्वीकार किया कि राज्य के केवल 50 हजार सरकारी स्कूलों में ही सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जबकि राज्य में कुल 1,08,082 स्कूल संचालित हैं। यह आंकड़ा दर्शाता है कि राज्य सरकार की ओर से घोषित सुरक्षा उपायों के बावजूद आधे से अधिक स्कूल अभी भी सीसीटीवी कैमरों से वंचित हैं।

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महायुति सरकार पर लापरवाही का आरोप

विधान परिषद में सदस्य किरण सरनाईक ने तारांकित प्रश्न के माध्यम से मुद्दा उठाया कि राज्य में पिछले कुछ समय में स्कूल परिसरों में छात्राओं के साथ छेड़छाड़ और लैंगिक अत्याचार के मामलों में वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि 21 अगस्त 2024 को सरकार द्वारा जारी शासनादेश में सभी सरकारी एवं अनुदानित निजी स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य किया गया था। आदेश में स्पष्ट उल्लेख है कि यदि किसी स्कूल में यह सुविधा उपलब्ध नहीं होगी, तो उसकी मान्यता रद्द की जा सकती है।

ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों की स्थिति चिंता जनक

सदस्य निरंजन डावखरे ने ध्यान दिलाया कि ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित अनुदानित और गैर-अनुदानित स्कूलों के पास सीसीटीवी कैमरे लगाने हेतु पर्याप्त संसाधन नहीं हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि जैसे जिला परिषद स्कूलों को DPDC फंड से अनुदान दिया जाता है, वैसे ही निजी स्कूलों को भी फंड या कम से कम सब्सिडी उपलब्ध कराई जाए।

एक अन्य सदस्य ने चिंता जताई कि कई स्कूलों में हाउसकीपिंग और अन्य स्टाफ कॉन्ट्रैक्ट पर नियुक्त किए जाते हैं, और उन्हीं के द्वारा छेड़छाड़ जैसी घटनाएं सामने आई हैं। उन्होंने मांग की कि ऐसे मामलों में संबंधित स्कूल प्रबंधन को भी जिम्मेदार ठहराया जाए और उन पर आपराधिक कार्रवाई की जाए।

शिक्षा मंत्री ने दिया जवाब

शिक्षा मंत्री दादा भुसे ने बताया कि सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए सरकारी स्कूलों में DPDC समेत विभिन्न फंड का उपयोग किया जा रहा है, लेकिन निजी अनुदानित स्कूलों में इसकी जिम्मेदारी स्वयं प्रबंधन की है। उन्होंने यह भी कहा कि सीसीटीवी कैमरे लगवाने का खर्च बहुत अधिक नहीं है — चार कैमरों पर ₹30,000 से ₹40,000, आठ कैमरों पर ₹50,000 से ₹60,000, और 16 कैमरों पर ₹80,000 से ₹90,000 का खर्च आता है।

छात्र सुरक्षा को लेकर अन्य कदम भी

मंत्री भूसे ने बताया कि छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु सरकार ने कैरेक्टर वेरिफिकेशन, महिला कर्मियों की नियुक्ति, शिकायत बॉक्स, सखी सावित्री समिति, छात्रों की सुरक्षा समिति जैसे उपाय योजना में शामिल किए हैं। साथ ही, सीसीटीवी पर सब्सिडी देने पर सरकार सकारात्मक रूप से विचार कर रही है।

उच्च न्यायालय के आदेश पर बनी समिति की सिफारिशें

मंत्री ने यह भी बताया कि मुंबई उच्च न्यायालय के आदेश पर एक पूर्व न्यायाधीश की अध्यक्षता में समिति गठित की गई है, जिसने छात्रों की सुरक्षा को लेकर कई अहम सिफारिशें की हैं, जिनमें शामिल हैं:

स्कूल परिसरों में अनिवार्य सीसीटीवी कैमरे

स्कूल से बस तक सुरक्षा की जिम्मेदारी

बच्चों को गुड टच और बैड टच की जानकारी

साइबर अपराध के प्रति जागरूकता

1098 हेल्पलाइन का प्रचार

छात्राओं के शौचालयों के पास महिला कर्मियों की नियुक्ति

मुफ्त सैनिटरी पैड की उपलब्धता

हर स्कूल में काउंसलर शिक्षक की नियुक्ति

सरकार ने आश्वासन दिया है कि इन सिफारिशों को शीघ्र ही प्रभावी रूप से लागू किया जाएगा।

 

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