भारतीय नागर विमानन क्षेत्र एक बार फिर बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है। घरेलू हवाई बाजार पर लंबे समय से इंडिगो और एयर इंडिया समूह का वर्चस्व बना हुआ है। इंडिगो जहां करीब 63 प्रतिशत मार्केट शेयर के साथ निर्विवाद लीडर है, वहीं एयर इंडिया समूह भी लगातार अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है। इसी बीच केंद्र सरकार ने तीन नई एयरलाइंस को मंजूरी देकर पूरे सेक्टर में हलचल मचा दी है।
केंद्रीय नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू ने हाल ही में फ्लाय एक्सप्रेस एयरलाइन और अल हिंद एयर को नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) देने की घोषणा की है। इससे पहले शंख एयरलाइन को भी हरी झंडी दी जा चुकी है। एक के बाद एक तीन नई एयरलाइंस को मंजूरी मिलने के बाद अब यह सवाल उठने लगा है कि क्या यह फैसला केवल प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए है या इसके पीछे कोई सियासी गणित भी छिपा है।
Over the last one week, pleased to have met teams from new airlines aspiring to take wings in Indian skies—Shankh Air, Al Hind Air and FlyExpress.
While Shankh Air has already got the NOC from Ministry, Al Hind Air and FlyExpress have received their NOCs in this week.
It has… pic.twitter.com/oLWXqBfSFU
— Ram Mohan Naidu Kinjarapu (@RamMNK) December 23, 2025
FDTL नीति और इंडिगो की तैयारी पर सवाल
दरअसल, यह फैसला ऐसे समय पर आया है जब नई फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) नीति को लेकर इंडिगो की तैयारियां अधूरी मानी जा रही थीं। हालात इतने बिगड़ गए कि संभावित उड़ान अव्यवस्था को देखते हुए केंद्र सरकार को फिलहाल FDTL के क्रियान्वयन पर रोक लगानी पड़ी। इसी पृष्ठभूमि में नई एयरलाइंस को तेज़ी से मंजूरी दिया जाना कई तरह के सवाल खड़े कर रहा है।
अल हिंद एयर: केरल से घरेलू उड़ानों की तैयारी
अल हिंद एयरलाइन का मुख्यालय केरल के कालीकट में है। यह एयरलाइन अल हिंद ग्रुप की पहल है, जो 1990 से ट्रैवल और टूरिज्म सेक्टर में सक्रिय है। कंपनी की योजना घरेलू यात्री सेवाओं पर फोकस करने की है और शुरुआत में ATR 72-600 विमानों के जरिए उड़ानें शुरू की जाएंगी। इसका ऑपरेशन बेस कोच्चि इंटरनेशनल एयरपोर्ट होगा।
अल हिंद ग्रुप का नेतृत्व टी. मोहम्मद हैरिस कर रहे हैं, जो इंडियन हज उमराह एसोसिएशन के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। वहीं, ग्रुप के मुख्य प्रबंधक पी. वी. वलसराज हैं, जिन्हें ट्रैवल इंडस्ट्री का लंबा अनुभव है।
फ्लाय एक्सप्रेस: कार्गो से पैसेंजर उड़ानों की ओर
हैदराबाद स्थित फ्लाय एक्सप्रेस एयरलाइन फिलहाल कार्गो और कूरियर सेवाओं में सक्रिय है। इसका नेटवर्क अमेरिका, ब्रिटेन, सिंगापुर, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, दुबई और फ्रांस जैसे देशों तक फैला हुआ है।
कंपनी को नागर विमानन मंत्रालय से NOC मिल चुकी है और अब वह एयर ऑपरेटर सर्टिफिकेट (AOC) के इंतजार में है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, फ्लाय एक्सप्रेस कूरियर एंड कार्गो कंपनी के मालिक कोंकटी सुरेश हैं।
पहले ही मिल चुकी है शंख एयरलाइन को मंजूरी
इन दोनों से पहले केंद्र सरकार शंख एयरलाइन को भी NOC दे चुकी है। लगातार तीन नई एयरलाइंस को मंजूरी मिलना इस ओर इशारा करता है कि सरकार घरेलू विमानन क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने की दिशा में गंभीर है।
भाजपा कनेक्शन पर क्यों उठ रहे सवाल?
तीन एयरलाइंस को एक साथ मंजूरी मिलने के बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या इन कंपनियों के मालिकों या प्रबंधन का भाजपा या सत्ताधारी तंत्र से कोई करीबी संबंध है।
हालांकि सरकार ने ऐसे किसी भी राजनीतिक हस्तक्षेप से इनकार करते हुए कहा है कि सभी मंजूरियां तय नियमों और प्रक्रियाओं के तहत दी गई हैं। विपक्ष का आरोप है कि जब इंडिगो जैसी बड़ी कंपनी FDTL को लेकर दबाव में है, तब नई एयरलाइंस को तेजी से हरी झंडी देना संदेह पैदा करता है।
मौजूदा बाजार का गणित
वर्तमान में भारतीय घरेलू विमानन बाजार में हिस्सेदारी इस प्रकार है:
- इंडिगो – 63%
- एयर इंडिया – 13.6%
- एयर इंडिया एक्सप्रेस – 6.3%
- विस्तारा – 5.7%
- अकासा एयर – 4.6%
- स्पाइसजेट – 3.2%
- एआई एक्स कनेक्ट – 2.3%
- अन्य – 1.3%
ऐसे में नई एयरलाइंस के लिए इंडिगो–एयर इंडिया के वर्चस्व को चुनौती देना आसान नहीं होगा।



