भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर 2 से 4 फरवरी तक अमेरिका के दौरे पर रहे। इस दौरान उन्होंने अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रुबियो और अमेरिकी वित्त सचिव स्कॉट बेसेंट से मुलाकात कर द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की।
लेकिन अमेरिका-भारत व्यापार समझौते (India-US trade controversy) को लेकर उनका बयान विवाद का कारण बन गया। ANI को इंटरव्यू में जयशंकर ने साफ कहा:
“यह सीधे तौर पर मेरे साथ नहीं था, क्योंकि इसे वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल संभाल रहे हैं। प्रधानमंत्री और अमेरिकी राष्ट्रपति के बीच बातचीत हुई, उसके बाद व्यापार बातचीत की डिटेलिंग चल रही है।”
व्यापार समझौते की टाइमलाइन पर सवाल किए जाने पर उन्होंने कहा,
“मेरे लिए यह कहना मुश्किल है, वाणिज्य मंत्री को इसकी बेहतर जानकारी होगी, क्योंकि वह अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि के साथ सीधे संपर्क में हैं।”
So then what was the celebration and felicitation about? About the phone call being made, if not the deal?
The commerce minister Goyal ji needs to clarify to all the 140 crore Indians he mentioned about. Take an open press conference. https://t.co/VlpifKAPCQ
— Aaditya Thackeray (@AUThackeray) February 5, 2026
इस बयान पर शिवसेना (UBT) नेता और विधायक आदित्य ठाकरे (Aaditya Thackeray) ने कड़ा हमला बोला और ट्वीट किया: “तो फिर जश्न और अभिनंदन किस बात का था? फ़ोन कॉल के बारे में, यदि सौदा नहीं हुआ तो? वाणिज्य मंत्री गोयल जी को उन सभी 140 करोड़ भारतीयों को स्पष्टीकरण देने की जरूरत है जिनका उन्होंने जिक्र किया। एक खुली प्रेस कॉन्फ्रेंस लीजिए!”
ठाकरे के इस ट्वीट ने सीधे सवाल खड़े किए हैं कि क्या सरकार ने जनता के सामने भ्रम फैलाया, और अब सबकी निगाहें गोयल और सरकार की अगली प्रेस कॉन्फ्रेंस पर हैं।
