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Mulund water tunnel project: मुंबई की जल सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम मुलुंड–काशेली जल सुरंग परियोजना 2030 तक होगी पूरी 7.1 किलोमीटर लंबी सुरंग से मिलेगा निर्बाध पेयजल

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जो इंडिया / मुंबई: (Mulund water tunnel project)

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मुंबई। मुंबई महानगर क्षेत्र में बढ़ती आबादी और लगातार बढ़ रही पेयजल की मांग को देखते हुए मुंबई महानगरपालिका (मनपा) ने एक महत्वाकांक्षी जल सुरंग परियोजना पर काम तेज कर दिया है। काशेली (भिवंडी) से मुलुंड ज़कात नाका तक प्रस्तावित जल परिवहन सुरंग का डिजाइन और निर्माण कार्य जारी है, जिसे अक्टूबर 2030 तक पूरा किए जाने की उम्मीद जताई जा रही है।
भाटसा जल स्रोत पर निर्भर मुंबई के लिए वैकल्पिक व्यवस्था
वर्तमान में भाटसा जल स्रोत से पानी मुंबई महानगर क्षेत्र तक मुंबई-2 और मुंबई-3 नामक दो प्रमुख जल नहरों के माध्यम से लाया जाता है। हालांकि, ठाणे और आसपास के इलाकों में हो रहे तेज़ शहरीकरण और बुनियादी ढांचे के विकास के कारण ये खुली नहरें कई स्थानों पर बाधा बन रही हैं। सड़क, मेट्रो और अन्य विकास परियोजनाओं में इन नहरों के कारण अड़चनें उत्पन्न हो रही हैं।
इन्हीं समस्याओं को दूर करने और भविष्य की जल आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए मनपा ने भूमिगत जल सुरंग के निर्माण का निर्णय लिया है।

सितंबर 2024 से शुरू हुआ निर्माण कार्य
मनपा अधिकारियों के अनुसार, काशेली से मुलुंड ज़कात नाका तक जल सुरंग परियोजना का निर्माण कार्य सितंबर 2024 से शुरू हो चुका है। यह सुरंग कुल 7.1 किलोमीटर लंबी होगी और इसके ज़रिए भाटसा जल स्रोत का पानी सुरक्षित और निर्बाध रूप से मुंबई तक पहुंचाया जाएगा।
मनपा आयुक्त भूषण गगरानी ने बताया कि यह परियोजना न केवल तकनीकी रूप से उन्नत है, बल्कि भविष्य में जल आपूर्ति व्यवस्था को अधिक मजबूत और भरोसेमंद बनाएगी।

134 मीटर गहरे लॉन्चिंग शाफ्ट का निर्माण जारी
परियोजना के तहत मुलुंड ज़कात नाका परिसर में 134 मीटर गहरा लॉन्चिंग शाफ्ट तैयार किया जा रहा है, जिससे सुरंग खनन मशीन (Tunnel Boring Machine – TBM) को भूमिगत उतारा जाएगा। अब तक इस शाफ्ट की खुदाई 130 मीटर तक पूरी कर ली गई है, जो एक बड़ी तकनीकी उपलब्धि मानी जा रही है।

जुलाई 2026 से शुरू होगा सुरंग खनन का मुख्य कार्य
मनपा की योजना के अनुसार, अत्याधुनिक सुरंग खनन मशीन की सहायता से सुरंग की वास्तविक खुदाई का कार्य जुलाई 2026 से शुरू किया जाएगा। यह पूरी प्रक्रिया उच्च सुरक्षा मानकों और आधुनिक तकनीक के साथ की जाएगी, ताकि आसपास के रिहायशी और औद्योगिक क्षेत्रों पर कोई असर न पड़े।

काशेली में बनाया जा रहा रिकवरी शाफ्ट
सुरंग खनन कार्य पूरा होने के बाद मशीन को बाहर निकालने के लिए काशेली (भिवंडी) क्षेत्र में 128 मीटर गहरा रिकवरी शाफ्ट तैयार किया जा रहा है। फिलहाल इस शाफ्ट की खुदाई का काम 15 मीटर तक पूरा हो चुका है। आने वाले महीनों में इस पर भी कार्य की गति बढ़ाई जाएगी।

मुंबई के भविष्य के लिए अहम परियोजना
विशेषज्ञों का मानना है कि यह जल सुरंग परियोजना मुंबई के लिए दीर्घकालिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। इसके पूरा होने के बाद न केवल जल आपूर्ति अधिक सुरक्षित होगी, बल्कि विकास कार्यों में बाधा बनने वाली पुरानी जल नहरों पर निर्भरता भी कम होगी।
मनपा को उम्मीद है कि अक्टूबर 2030 तक यह परियोजना पूरी होने के बाद मुंबई महानगर क्षेत्र को स्थायी और निर्बाध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी।

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