देश की आर्थिक राजधानी Mumbai में वर्सोवा-भायंदर लिंक रोड परियोजना को लेकर नया पर्यावरणीय विवाद सामने आया है। शिवसेना (UBT) विधायक दल के नेता Aaditya Thackeray ने विधानसभा में इस परियोजना के तहत लगभग 45 हजार मैंग्रोव पेड़ों की प्रस्तावित कटाई पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।
आदित्य ठाकरे ने विधानसभा में औचित्य का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इस परियोजना के लिए बड़े पैमाने पर मैंग्रोव काटे जाने की योजना है, जो पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती है। उन्होंने मांग की कि इस पूरी प्रक्रिया पर तुरंत स्थगन दिया जाए और मैंग्रोवों की कटाई पर प्रतिबंध लगाया जाए।
वन विभाग की ओर से यह जानकारी दी गई है कि इन पेड़ों की भरपाई के लिए भायंदर क्षेत्र के सर्वे क्रमांक 342 पर लगभग 13 लाख 70 हजार मैंग्रोव लगाए जाएंगे। हालांकि, ठाकरे ने इस दावे पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस स्थान का उल्लेख किया जा रहा है, वहां इतने बड़े पैमाने पर मैंग्रोव लगाने के लिए पर्याप्त जगह ही उपलब्ध नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि वन विभाग के अधिकारी इस मुद्दे पर वन मंत्री, राज्य सरकार और यहां तक कि न्यायालय को भी गुमराह कर रहे हैं। ठाकरे ने कहा कि कागजों पर दिखाई जा रही हरियाली और जमीनी हकीकत में बड़ा अंतर है, जिसे उजागर करना जरूरी है।
इस मुद्दे की गंभीरता को देखते हुए Aditya Thackeray ने सुझाव दिया कि विधानसभा सदस्यों की एक संयुक्त समिति बनाई जाए, जिसे मौके पर ले जाकर वास्तविक स्थिति दिखाई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
In the State Assembly today, I received the following assurances from the Hon’ble Minister of @MahaForest
• Leopards will NOT be proposed to be moved into schedule 2 from schedule 1 of the Wildlife Protection Act, 1972
• NO license/ permit would be given to kill leopards.… https://t.co/LrMQRMDiqc
— Aaditya Thackeray (@AUThackeray) March 18, 2026
उन्होंने यह भी कहा कि मैंग्रोव Mumbai के तटीय पर्यावरण के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं और ये बाढ़ व समुद्री कटाव से शहर की रक्षा करते हैं। ऐसे में इनकी अंधाधुंध कटाई भविष्य में गंभीर पर्यावरणीय संकट को जन्म दे सकती है।
इस पूरे मामले को Maharashtra Legislative Assembly में उठाए जाने के बाद अब यह मुद्दा राजनीतिक और पर्यावरणीय दोनों स्तरों पर चर्चा का केंद्र बन गया है। सरकार के अगले कदम पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।



