जो इंडिया / पुणे: (Hinjewadi IT Park news)
पुणे के हिंजवड़ी आईटी पार्क की बदहाल सड़कों, यातायात व्यवस्था और मूलभूत सुविधाओं की कमी को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे ने मंगलवार को हिंजवड़ी आईटी पार्क का दौरा कर स्थानीय नागरिकों, कर्मचारियों और ग्रामीणों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र की समस्याओं को लेकर महायुति सरकार और प्रशासन पर तीखा हमला बोला।
आदित्य ठाकरे ने दावा किया कि हिंजवड़ी देश के प्रमुख आईटी हब में शामिल है और यहां करीब साढ़े छह लाख लोग प्रत्यक्ष रूप से, जबकि लगभग 15 लाख लोग प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार के जरिए जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि खराब सड़कें, गड्ढे, ट्रैफिक जाम, पानी-बिजली की समस्याएं और अन्य बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण यहां काम करने वाली कंपनियों और कर्मचारियों को लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि बुनियादी ढांचे की बदहाली के कारण कुछ कंपनियां महाराष्ट्र से बाहर निवेश और विस्तार के विकल्पों पर विचार कर रही हैं। उनका कहना था कि यदि कंपनियां दूसरे राज्यों का रुख करती हैं, तो इसका सीधा असर महाराष्ट्र के युवाओं के रोजगार पर पड़ सकता है।
तीन साल से गड्ढे और ट्रैफिक की समस्या
आदित्य ठाकरे ने कहा कि हिंजवड़ी में सड़कों की खराब स्थिति और यातायात जाम की समस्या पिछले कई वर्षों से बनी हुई है। कई स्थानों पर कुछ किलोमीटर की दूरी तय करने में भी एक से डेढ़ घंटे तक का समय लगने का दावा उन्होंने किया। उनके मुताबिक, ऐसी स्थिति में कर्मचारियों की उत्पादकता प्रभावित होने के साथ कंपनियों के लिए भी संचालन मुश्किल हो जाता है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि पिछले तीन-चार वर्षों में हिंजवड़ी में नई कंपनियों के आने की रफ्तार कम हुई है। मौजूदा कंपनियां भी विस्तार करने के बजाय अपने कर्मचारियों या संचालन को अन्य स्थानों पर स्थानांतरित करने पर विचार कर रही हैं।
मेट्रो, कचरा और फुटपाथ को लेकर भी सवाल
दौरे के दौरान आदित्य ठाकरे ने मेट्रो परियोजना में देरी, कचरा प्रबंधन और फुटपाथ जैसी सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी आईटी आबादी वाले क्षेत्र में पैदल चलने वालों के लिए भी पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने पाइपलाइन गैस सुविधा और अन्य नागरिक सुविधाओं को लेकर भी प्रशासन से सवाल किए।
तीन एजेंसियां, फिर भी समस्या जस की तस
हिंजवड़ी में प्रशासनिक समन्वय पर सवाल उठाते हुए आदित्य ठाकरे ने कहा कि कई सड़कों और चौराहों को लेकर लोक निर्माण विभाग, पीएमआरडीए और पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका जैसी अलग-अलग एजेंसियों की जिम्मेदारी सामने आती है। इसके बावजूद नागरिकों को बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। उन्होंने सरकार से इन एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय कर हिंजवड़ी की समस्याओं का स्थायी समाधान निकालने की मांग की।
आदित्य ठाकरे के आरोपों के बाद हिंजवड़ी की बुनियादी सुविधाओं और आईटी क्षेत्र से जुड़े रोजगार का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। हालांकि, उनके द्वारा बताए गए रोजगार और कंपनियों से संबंधित आंकड़ों तथा आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।



