जो इंडिया / मुंबई : (Borivali Police News)
मुंबई के Borivali इलाके में पुलिस और वकीलों के बीच टकराव का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। Borivali Bar Association के वकीलों ने मंगलवार को बोरीवली पुलिस स्टेशन के बाहर जोरदार विरोध प्रदर्शन करते हुए पुलिस पर “दादागिरी”, “तानाशाही” और “मारपीट” के गंभीर आरोप लगाए। इस पूरे विवाद के केंद्र में एक वकील के साथ कथित मारपीट और समय पर एफआईआर दर्ज नहीं किए जाने का मामला है।
जानकारी के अनुसार, घटना सोमवार रात करीब आठ बजे की बताई जा रही है। आरोप है कि वकील प्रदीप कुमार मिश्रा का बोरीवली कोर्ट परिसर के पास एक ऑटो रिक्शा चालक के साथ मामूली कहासुनी हो गई थी। देखते ही देखते मौके पर भीड़ जमा हो गई और कुछ ही देर बाद बोरीवली पुलिस स्टेशन का एक कांस्टेबल मौके पर पहुंचा। वकीलों का आरोप है कि पुलिसकर्मी ने बिना किसी जांच या पूछताछ के वकील के साथ अभद्र व्यवहार किया और मारपीट शुरू कर दी।
घटना के विरोध में मंगलवार दोपहर करीब 2:30 बजे बड़ी संख्या में वकील बोरीवली पुलिस स्टेशन के बाहर जमा हुए और जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन कर रहे वकीलों ने आरोप लगाया कि घटना को कई घंटे बीत जाने के बावजूद पुलिस ने अब तक शिकायत दर्ज नहीं की है और आरोपी पुलिसकर्मी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
Borivali Bar Association से जुड़े वकील सुरेंद्र लांडगे ने कहा कि पुलिस की यह कार्यप्रणाली पूरी तरह गैरकानूनी और दबाव बनाने वाली है। उन्होंने आरोप लगाया कि “आठ घंटे से अधिक समय गुजर जाने के बावजूद पुलिस शिकायत दर्ज करने को तैयार नहीं है। अगर न्याय नहीं मिला तो यह आंदोलन और बड़ा होगा।”
पीड़ित वकील प्रदीप कुमार मिश्रा ने पूरे घटनाक्रम का विस्तृत विवरण देते हुए बताया कि वह सोमवार सुबह काम के सिलसिले में बोरीवली कोर्ट आए थे। रात में काम खत्म होने के बाद वह अपने मित्र रोहित सिंह का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान एक रिक्शा चालक वहां आया और गाड़ी हटाने को लेकर विवाद शुरू हो गया।
पीड़ित के अनुसार, उन्होंने रिक्शा चालक से शांतिपूर्वक बात करते हुए कहा था कि वह केवल कुछ मिनट के लिए वहां खड़े हैं और यदि उसे निकलना है तो किनारे से निकल सकता है। आरोप है कि इसके बाद रिक्शा चालक ने किसी को फोन कर धमकी दी कि “रुक जा, तुझे सबक सिखाता हूं।”
कुछ देर बाद कथित रूप से पुलिस कांस्टेबल स्वप्निल पवार वहां पहुंचा और खुद को बोरीवली पुलिस स्टेशन का कर्मचारी बताते हुए वकील का कॉलर पकड़ लिया। पीड़ित का आरोप है कि कांस्टेबल ने उनकी बाईं आंख पर कई बार मुक्के मारे, जिससे उनका चश्मा और मोबाइल नीचे गिर गया। जब वह मोबाइल उठाने झुके तो रिक्शा चालक ने उनके हाथ की उंगलियों पर किसी धारदार वस्तु से हमला कर दिया। इसके अलावा एक अन्य अज्ञात व्यक्ति ने पीछे से लात मारकर हमला किया।
पीड़ित वकील का कहना है कि इसके बाद पुलिसकर्मी और रिक्शा चालक दोनों उन्हें जबरन पकड़कर पुलिस स्टेशन ले गए। बाद में मेडिकल जांच के लिए उन्हें शताब्दी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। बताया जा रहा है कि वकील को आंख और हाथ में गंभीर चोटें आई हैं।
दूसरी ओर पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जाएगी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई और शिकायत दर्ज करने पर फैसला लिया जाएगा।
इस घटना के बाद वकीलों और पुलिस के बीच तनाव बढ़ गया है। कानूनी समुदाय में इस बात को लेकर नाराजगी है कि कानून की रक्षा करने वाले ही यदि हिंसा और दबाव की भाषा अपनाएंगे तो आम नागरिकों को न्याय कैसे मिलेगा। मामले ने अब राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी चर्चा तेज कर दी है।
Borivali Police News: बोरीवली में वकील से मारपीट का आरोप! पुलिस स्टेशन के बाहर फूटा गुस्सा, वकीलों ने खोला मोर्चा

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