जोइंडिया : मुंबई टीम (Baramati by-election)
दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार (Ajit Pawar) के निधन के बाद खाली हुई सीट पर बारामती विधानसभा उपचुनाव ने अब पूरी तरह राजनीतिक रंग ले लिया है। उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार ने नामांकन दाखिल कर मैदान में उतरते ही मुकाबले को भावनात्मक और प्रतिष्ठा का बना दिया है।
नामांकन के दौरान उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार और पार्टी के वरिष्ठ नेता समेत कई दिग्गज मौजूद रहे। महायुति की ओर से इस चुनाव को निर्विरोध कराने की कोशिशें चल रही थीं, लेकिन ऐन मौके पर कांग्रेस ने उम्मीदवार उतारकर सियासी समीकरण बदल दिए।
महाविकास आघाड़ी के दो दलों के समर्थन के बावजूद कांग्रेस ने आकाश मोरे को मैदान में उतार दिया। इसी फैसले से नाराज़ पार्थ पवार ने कांग्रेस पर सीधा हमला बोल दिया।
पार्थ पवार ने आक्रामक अंदाज़ में कहा कि महाराष्ट्र में कांग्रेस का “डाउनफॉल” शुरू हो चुका है और अगर पार्टी ने अपनी रणनीति नहीं बदली तो उसका भविष्य और भी खराब होने वाला है। उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि कांग्रेस का यह फैसला उसे भारी पड़ेगा।
बारामती सीट पर अंतिम दिन तक कुल 68 नामांकन दाखिल हुए हैं, जिससे चुनाव अब त्रिकोणीय नहीं बल्कि बहुकोणीय होता दिख रहा है। इस बीच कांग्रेस के फैसले ने महायुति के नेताओं की नाराज़गी भी खुलकर सामने ला दी है। इस पूरे विवाद पर ने संतुलित प्रतिक्रिया दी। राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ लेने के बाद दिल्ली में मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने एक वाक्य में ही स्थिति स्पष्ट कर दी, लेकिन राजनीतिक हलकों में उनके बयान के कई मायने निकाले जा रहे हैं।
बारामती में प्रतिष्ठा की लड़ाई
अब बारामती उपचुनाव सिर्फ एक सीट का चुनाव नहीं, बल्कि पवार परिवार की साख, महायुति की रणनीति और विपक्ष की एकजुटता की असली परीक्षा बन चुका है। आने वाले दिनों में यह मुकाबला और ज्यादा तीखा होने के संकेत मिल रहे हैं।



