आज राज्य की 29 म्युनिसिपल कॉर्पोरेशनों के लिए मतदान (Mumbai Municipal Election Today) हो रहा है। पिछले कई दिनों से चला आ रहा चुनावी संग्राम अब अपने निर्णायक मोड़ पर है। हर राजनीतिक पार्टी ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है, क्योंकि यह चुनाव सिर्फ सीटों का नहीं, बल्कि साख, दिशा और भविष्य का है। खासकर मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन—जहाँ सत्ता किसके हाथ में जाएगी, इसका फैसला अब कुछ ही घंटों में होने वाला है।
मुंबई में मुख्य मुकाबला उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT), MNS और NCP (शरद पवार गुट) के बीच माना जा रहा है। इस चुनाव में मराठी अस्मिता, विकास का मॉडल और मुंबई की पहचान—तीनों सवालों के केंद्र में हैं। MNS का रुख हमेशा से मराठी मानुष के पक्ष में रहा है, और हाल के दिनों में राज ठाकरे लगातार चेतावनी देते रहे हैं कि मुंबई को गुजरात में मिलाने का खतरा पैदा किया जा रहा है।
इसी राजनीतिक पृष्ठभूमि में सोशल मीडिया पर एक वीडियो ने जबरदस्त हलचल मचा दी है। यह वीडियो किसी नेता का नहीं, बल्कि एक पॉपुलर गुजराती एक्ट्रेस (Gujarati actress) —जिग्ना त्रिवेदी का है। खास बात यह कि जिग्ना ने धाराप्रवाह मराठी में मुंबई और महाराष्ट्र के मुद्दों पर जो कहा, उसे राज ठाकरे के रुख का इनडायरेक्ट सपोर्ट माना जा रहा है।
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“बेपरवाह रहने से काम नहीं चलेगा” — जिग्ना त्रिवेदी की दो टूक अपने वीडियो में जिग्ना त्रिवेदी कहती हैं—
“हेलो महाराष्ट्र… म्युनिसिपल इलेक्शन हैं। क्या आप वोट देने के लिए तैयार हैं? हम कपड़े खरीदते वक्त सोचते हैं, घर में दो दिन बर्तन न धुलें तो शिकायत करते हैं। तो अब हमारे पास मौका है कि अगले पाँच सालों के लिए महाराष्ट्र को किसके हाथों में देना है। ऐसे में हम बेपरवाह नहीं रह सकते।”
वह आगे कहती हैं कि मुंबई सिर्फ एक शहर नहीं, बल्कि एक मौका और जिम्मेदारी है।
“मुंबई डेवलप हो रही है, इसलिए लोग सालों से यहाँ काम करने आते हैं। लेकिन सिर्फ मुंबई को चमकाने से काम नहीं चलेगा। गाँवों में सड़कें, इंफ्रास्ट्रक्चर और असली विकास चाहिए। डेवलपमेंट ज़रूरी है, लेकिन ऐसा नहीं कि हमारी साँस घुटने लगे, हमारी अगली पीढ़ी फिजिकली कमजोर हो जाए।”
जिग्ना का यह बयान सीधे-सीधे उस विकास मॉडल पर सवाल उठाता है, जिसमें कंक्रीट तो बढ़ता है, लेकिन ज़िंदगी सिकुड़ती जाती है।
वह साफ कहती हैं— “आज चुनाव अच्छा-बुरा चुनने का नहीं है, बल्कि कम बुरा और ज़्यादा बुरा के बीच फैसला करने का है। यह मौका है तय करने का कि महाराष्ट्र किसके हाथों में जाए। यह मौका मत गंवाइए। जय महाराष्ट्र।”
राज ठाकरे (Raj Thackerays) का आरोप: ‘अगर गलती की, तो सब कुछ खो दोगे’
इस पूरे माहौल में राज ठाकरे के पुराने और हालिया बयान फिर चर्चा में हैं। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया है कि वधाव पोर्ट के बहाने मुंबई को गुजरात से जोड़ने का एक लॉन्ग-टर्म प्लान तैयार किया जा रहा है। उनका कहना है कि इसकी प्लानिंग सालों से चल रही है।
राज ठाकरे ने 2014 के बाद के राजनीतिक बदलावों की ओर इशारा करते हुए सवाल उठाया था—
“मोदी के प्रधानमंत्री बनने से पहले अडानी कहाँ थे?”
उनका साफ कहना है कि बाहरी लोग मुंबई की नब्ज नहीं समझते, और अगर मुंबई को सिर्फ प्रोजेक्ट्स और मुनाफे की नजर से देखा गया, तो इसका चरित्र और आत्मा दोनों खो जाएंगे।
आज का वोट: सिर्फ बटन नहीं, भविष्य का फैसला
आज का मतदान केवल नगरसेवक चुनने का दिन नहीं है। यह तय करने का दिन है कि मुंबई किस दिशा में जाएगी—मराठी अस्मिता के साथ संतुलित विकास की ओर, या फिर ऐसे विकास की ओर जहाँ शहर तो बड़ा होगा, लेकिन आम आदमी छोटा होता चला जाएगा।
अब फैसला मतदाता के हाथ में है।
एक गलती… और शायद बहुत कुछ खो सकता है।



