जोइंडिया टीम/ मुंबई: मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन चुनाव 2026 (BMC 2026) को लेकर शहर में सियासी सरगर्मियां चरम पर हैं। करीब बीस साल बाद शिवसेना (ठाकरे गुट) प्रमुख उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray)
इसी बीच ठाकरे भाइयों के इस राजनीतिक कदम पर भारतीय जनता पार्टी ने जोरदार पलटवार (BJP Attack on Thackeray) किया है। BJP के मुख्य प्रवक्ता केशव उपाध्ये ने अपने ताज़ा पोस्ट के ज़रिए ठाकरे परिवार पर तीखा हमला बोला है।
मुंबईत मराठी टिकवण्यात ठाकरेंचा काय सहभाग?
मराठी माणसांचे उध्दारकर्ते असल्याचं दावा करणारे ठाकरे बंधू आता एकत्र आहेत तर, चला… मुद्देसूद प्रश्न विचारू !
१ – १९९६ मध्ये राज ठाकरे यांनी शिवउद्योग सेना काढली. त्यासाठी मायकल जॅक्सनला आणलं, कोट्यावधीचा निधी गोळा केला गेला. यातून…
— Keshav Upadhye (@keshavupadhye) January 11, 2026
केशव उपाध्ये (Keshav Upadhye) ने सवाल उठाते हुए लिखा कि मुंबई में मराठी अस्मिता को बचाने में ठाकरे परिवार की असल भूमिका क्या रही है? उन्होंने कहा कि जो खुद को मराठी लोगों का मसीहा बताते हैं, उनके कामकाज पर अब सही सवाल पूछे जाने चाहिए।
अपने पोस्ट में उन्होंने चार अहम मुद्दे गिनाए— उन्होंने 1996 में राज ठाकरे द्वारा शुरू की गई शिव उद्योग सेना का जिक्र करते हुए सवाल किया कि करोड़ों रुपये के फंड के बावजूद पिछले 30 वर्षों में इससे कितने मराठी उद्योगपति खड़े हुए?
साथ ही उद्धव ठाकरे द्वारा शुरू किए गए ‘शिववाड़ा’ को लेकर भी सवाल खड़े किए और पूछा कि इससे कितने नए मराठी इंडस्ट्रियलिस्ट सामने आए? मुंबई में लगातार घटते मराठी स्कूलों की संख्या पर भी उन्होंने निशाना साधा और पूछा कि इन्हें बचाने के लिए अब तक क्या ठोस कदम उठाए गए? इसके अलावा मराठी युवाओं को नए जमाने की स्किल्ड नौकरियों से जोड़ने के लिए क्या प्रयास किए गए, इस पर भी सवाल खड़े किए।
केशव उपाध्ये ने दावा किया कि ऐसे कितने भी सवाल पूछे जाएं, जवाब खुद सामने आ जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि मुंबई की जनता अब यह सच्चाई समझ चुकी है कि मुंबई से मराठी लोगों को बाहर करने के लिए ठाकरे ही जिम्मेदार हैं।
BMC चुनाव से पहले इस बयान ने सियासी माहौल को और गरमा दिया है और आने वाले दिनों में ठाकरे अलायंस बनाम BJP की जंग और तेज़ होने के संकेत मिल रहे हैं।
