जो इंडिया / पनवेल: (BJP rebel candidates suspended)
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पनवेल महानगरपालिका (Panvel Municipal Corporation) की चुनावी सरगर्मियों के बीच भारतीय जनता पार्टी ने अनुशासनहीनता के खिलाफ बड़ा और सख्त कदम उठाया है। पार्टी के अधिकृत उम्मीदवारों के खिलाफ चुनाव मैदान में उतरने वाले खारघर क्षेत्र के तीन बागी नेता — निलेश बाविस्कर, गीता चौधरी और कोमल शिंदे-दहाडे — को भाजपा से छह वर्षों के लिए निलंबित कर दिया गया है। इस फैसले से पनवेल की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, संबंधित नेताओं ने भाजपा नेतृत्व के स्पष्ट निर्देशों की अनदेखी करते हुए अपने निजी राजनीतिक हितों को प्राथमिकता दी और अधिकृत उम्मीदवारों के विरुद्ध नामांकन दाखिल किया। इसे पार्टी अनुशासन का गंभीर उल्लंघन मानते हुए संगठन ने कठोर कार्रवाई करने का निर्णय लिया।
भाजपा नेतृत्व का मानना है कि चुनाव के समय संगठनात्मक एकता और अनुशासन सबसे अहम होता है। ऐसे में बगावत न केवल पार्टी की रणनीति को नुकसान पहुंचाती है, बल्कि कार्यकर्ताओं में गलत संदेश भी देती है। इसी कारण पार्टी ने उदाहरण पेश करते हुए छह साल का लंबा निलंबन लगाया है।
भाजपा के जिला अध्यक्ष अविनाश कोळी ने इस संबंध में जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि भारतीय जनता पार्टी एक अनुशासित संगठन है और पार्टी के निर्णय सभी कार्यकर्ताओं पर बाध्यकारी होते हैं। उन्होंने साफ किया कि अधिकृत उम्मीदवारों के खिलाफ चुनाव लड़ना पार्टी विरोधी गतिविधि है और ऐसे मामलों में कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।
इस कार्रवाई के बाद स्थानीय राजनीतिक समीकरणों पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है। माना जा रहा है कि भाजपा इस फैसले के जरिए अपने कार्यकर्ताओं को स्पष्ट संदेश देना चाहती है कि संगठनात्मक मर्यादा और पार्टी लाइन से हटकर चलने वालों के लिए पार्टी में कोई स्थान नहीं है। पनवेल महापालिका चुनाव से पहले यह फैसला भाजपा की सख्त रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
