जोइंडिया टीम/ मुंबई: राज्य में 29 नगर निगमों के चुनाव की तारीखों की घोषणा के बाद महाराष्ट्र (Maharashtra) की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। इसी बीच एक और बड़ी और सियासी तौर पर अहम खबर सामने आ रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, महाराष्ट्र (Maharashtra)
इस खबर की सबसे खास बात यह है कि जिन नेताओं और राजनीतिक हालातों की वजह से कभी सत्ता हाथ से चली गई थी, उन्हीं पुराने विवादों और मतभेदों को भुलाकर उद्धव ठाकरे एक बार फिर गठबंधन की राह पर बढ़ते नजर आ रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, उद्धव ठाकरे बहुत जल्द बच्चू कडू से हाथ मिलाते दिखाई देंगे, जिससे अकोला की राजनीति में बड़ा समीकरण बदल सकता है।
मिली जानकारी के मुताबिक, प्रहार संगठन के चार उम्मीदवार आगामी चुनाव में उद्धव ठाकरे की शिवसेना के ‘मशाल’ चुनाव चिन्ह पर चुनाव लड़ेंगे। यह कदम सिर्फ चुनावी तालमेल नहीं, बल्कि रणनीतिक और राजनीतिक मजबूती का संकेत माना जा रहा है।
सूत्रों का कहना है कि इस गठबंधन की आधिकारिक घोषणा जल्द ही की जा सकती है। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, ठाकरे गुट ने यह फैसला अकोला में अपनी संगठनात्मक ताकत बढ़ाने और विपक्षी खेमे को मजबूत चुनौती देने के मकसद से लिया है।
चुनावी ऐलान के बाद जिस तरह से तेजी से गठबंधन बन रहे हैं, उससे साफ है कि आने वाले नगर निगम चुनाव महज स्थानीय नहीं बल्कि सत्ता की बड़ी लड़ाई का संकेत बनते जा रहे हैं। बच्चू कडू और उद्धव ठाकरे की संभावित नजदीकियां महाराष्ट्र की राजनीति में नई करवट ला सकती हैं।



