राष्ट्रवादी कांग्रेस शरद पवार गुट की राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष और सांसद सुप्रिया सुले (Suhpriya Sule)
सुले ने कहा कि विपक्ष पर पैसे न होने के आरोप लगाए जा रहे हैं, लेकिन ये सच है कि “हमारे पास काला धन नहीं है। हम पैसे बांटकर नहीं, बल्कि जनता की सेवा के लिए यहां हैं।” उन्होंने कहा कि यदि पैसे के दुरुपयोग से कोई चुनाव जीतता है और सत्ता पक्ष इसे उपलब्धि मानता है, तो यह लोकतंत्र के लिए अत्यंत घातक है। उन्होंने इस मुद्दे को संसद में उठाने की भी बात कही।
लाईव्ह |📍दिल्ली | पत्रकारांशी संवाद |🗓️02-12-2025
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— Supriya Sule (@supriya_sule) December 2, 2025
चुनाव आगे बढ़ाने के सवाल पर सुले ने कहा कि वजह भले स्पष्ट नहीं, लेकिन पूरे चुनाव में पैसे का खुला दुरुपयोग दिख रहा है। “यह लोकतंत्र के लिए बेहद हानिकारक है। मेरी हाथ जोड़कर चुनाव आयोग से विनती है—अब तो जागिए और इस पैसे के खेल पर रोक लगाइए।” उन्होंने आगे कहा कि इस चुनाव में जिस तरह गड़बड़ियां हुई हैं, उसके आधार पर “पूरा चुनाव रद्द किया जाना चाहिए।”
नीलेश राणे की पारदर्शी राजनीति की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी के नेताओं का इस मुद्दे पर खड़े होना लोकतंत्र के लिए सकारात्मक संकेत है। “अगर चुनाव सिर्फ पैसों से तय होंगे, तो असली काम करने वाले लोग कभी चुनकर नहीं आएंगे,” उन्होंने कहा।
सुप्रिया सुले ने कहा कि महाराष्ट्र में सत्ता का दुरुपयोग, उम्मीदवारों के नामांकन में गड़बड़ी, और चुनावी प्रक्रिया की अव्यवस्था ऐसी तस्वीर पेश कर रही है, जो पहले कभी नहीं देखी गई। “यह दुर्भाग्य है कि इतने बड़े बहुमत वाली सरकार में हालात इतने खराब हैं कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर हर कोई सवाल उठा रहा है,” उन्होंने कहा।
उन्होंने दोहराया कि “मतों के लिए पैसे का इस्तेमाल गलत, खतरनाक और लोकतंत्र की नींव को कमजोर करने वाला है। इसलिए इस चुनाव को रद्द कर पूरी प्रक्रिया पर पुनर्विचार होना चाहिए।”



