जो इंडिया / मुंबई: (Devendra Fadnavis)
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शिवसेना (उद्धव गुट) के नेता आदित्य ठाकरे पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि उन्होंने जिस तरह का प्रदर्शन और बयानबाजी की, उससे उन्हें बेहद हैरानी हुई है। फडणवीस ने कहा कि “आदित्य ठाकरे से पप्पूगिरी की उम्मीद नहीं थी,” और उन्हें गंभीर नेता की तरह व्यवहार करना चाहिए।
प्रदर्शन को बताया ‘पप्पूगिरी’
फडणवीस ने कहा कि आदित्य ठाकरे ने हाल ही में जो राजनीतिक प्रदर्शन किया, वह पूरी तरह से गैर-जिम्मेदाराना था। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “नेताओं को जनता के मुद्दों पर बात करनी चाहिए, न कि सोशल मीडिया और सड़कों पर नौटंकी करके सुर्खियाँ बटोरनी चाहिए। आदित्य ठाकरे से ऐसी ‘पप्पूगिरी’ की उम्मीद नहीं थी।”
उन्होंने आगे कहा कि राजनीति में परिपक्वता और जनसेवा का भाव जरूरी है, लेकिन आजकल कुछ युवा नेता केवल कैमरे और चर्चा के लिए आंदोलन कर रहे हैं।
फडणवीस ने दी नसीहत
फडणवीस ने आदित्य ठाकरे को सलाह देते हुए कहा कि उन्हें अपने पिता उद्धव ठाकरे की राजनीतिक परंपरा को समझना चाहिए और बिना ठोस आधार के किसी पर आरोप लगाने से पहले तथ्यों की जांच करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि “आलोचना लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन बेबुनियाद बयान देना और बिना सबूत के सरकार पर सवाल उठाना, जनता को भ्रमित करने जैसा है।”
आदित्य ठाकरे का पलटवार
इधर, आदित्य ठाकरे ने भी जवाबी हमला करते हुए कहा कि भाजपा नेताओं को जनता के सवालों से डर लगने लगा है। उन्होंने कहा कि “अगर जनता के मुद्दों को उठाना ‘पप्पूगिरी’ है, तो मैं गर्व से कहूंगा कि मैं जनता की आवाज उठा रहा हूँ।” ठाकरे ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा सरकार विकास के बजाय विपक्ष को नीचा दिखाने में लगी है।
राजनीति में बढ़ता शब्द-युद्ध
महाराष्ट्र की राजनीति में यह बयानबाजी कोई नई नहीं है, लेकिन इस बार के शब्द-युद्ध ने माहौल को और गरम कर दिया है। एक ओर महायुति सरकार के नेता विपक्ष पर ‘ड्रामा पॉलिटिक्स’ का आरोप लगा रहे हैं, वहीं उद्धव ठाकरे गुट लगातार भाजपा पर भ्रष्टाचार और गैर-लोकतांत्रिक फैसलों का ठीकरा फोड़ रहा है।



