जो इंडिया/मीरा-भायंदर। (Mira Bhayandar Manse Protest)
जानकारी के मुताबिक, पालिका में कार्यरत सैकड़ों कामगारों को लंबे समय से वेतन, भत्ते और बुनियादी सुविधाओं से वंचित रखा जा रहा है। अस्थायी कर्मचारियों की नौकरी पर संकट मंडरा रहा है और सफाईकर्मियों से लेकर अन्य श्रमिकों तक सभी वर्ग शोषण का शिकार हो रहे हैं।
मनसे कार्यकर्ताओं ने इस अन्याय के खिलाफ सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। आंदोलनकारियों ने नारेबाजी करते हुए पालिका प्रशासन और संबंधित ठेकेदारों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। इसके बाद सचिन पोपले के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई और कामगारों के हक की लड़ाई में आगे भी संघर्ष करने का ऐलान किया।
सचिन पोपले ने मीडिया से बातचीत में कहा –
“पालिका प्रशासन कामगारों का शोषण कर रहा है। मजदूरों को समय पर वेतन और जरूरी सुविधाएं नहीं दी जा रही हैं। यह अत्याचार अब बर्दाश्त नहीं होगा। यदि प्रशासन ने तुरंत कदम नहीं उठाए तो मनसे सड़क से लेकर पालिका भवन तक तीव्र आंदोलन करेगी।”
मनसे के इस आंदोलन से कामगारों में नया उत्साह देखने को मिला और नागरिकों ने भी पार्टी के कदम का समर्थन किया। इस घटना से पालिका प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है और उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में कामगारों की समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।



