जो इंडिया / मुंबई:
शोभायात्रा में पारंपरिक आरती, लोकनृत्य और संगीत की प्रस्तुति दिखाई दी। आयोजकों ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे — पुलिस पेट्रोलिंग, प्राथमिक चिकित्सा केंद्र और अतिरिक्त सार्वजनिक टॉयलेट व पीने के पानी की व्यवस्था की गई थी। महापालिका ने यातायात सुगमता के लिए विशेष बस तथा लोकल ट्रेन सेवाएँ भी बढ़ाईं।
पर्यावरण की दृष्टि से इस बार कई समितियों ने “इको-फ्रेंडली गणपति” अभियान अपनाया। कई झांकियाँ और प्रतिमाएँ जैविक सामग्रियों व प्राकृतिक रंगों से बनाई गईं ताकि विसर्जन के दौरान जल और तटवर्ती क्षेत्र सुरक्षित रहें। आयोजकों का कहना है कि यह कदम पारंपरिक उत्सवों को टिकाऊ बनाने की दिशा में अहम है।
स्थानीय व्यापारियों को भी उत्सव से फायदा हुआ — फूल, मोदक और धार्मिक सामग्री की बिक्री में तेज़ी देखी गई। वहीं कुछ स्थानों पर भीड़ प्रबंधन की चुनौतियाँ और कचरा निस्तारण के मुद्दे भी उभरे, जिन पर नगर निगम द्वारा आगे बेहतर रूट मैपिंग और डिजिटल व्यवस्थाओं का आश्वासन दिया गया है।
