जो इंडिया /
शनिवार को नागपुर स्थित सुरेश भट सभागृह में आयोजित एक सार्वजनिक साक्षात्कार में जब वरिष्ठ पत्रकार डॉ. उदय निरगुडकर ने उनसे हिंदुत्व और राजनीति से जुड़े कुछ सवाल पूछे, तो गडकरी ने दो टूक कहा,
> “कुछ राजनीतिक दलों ने हिंदुत्व का गलत अर्थ निकाल लिया है। पूजा में भी हम विश्व के कल्याण की प्रार्थना करते हैं। अनेकता में एकता और सर्वधर्म समभाव ही भारत की असली पहचान है।”
गडकरी के इस बयान को भाजपा के कट्टर हिंदुत्ववादी रुख के खिलाफ एक संकेतात्मक विरोध के रूप में देखा जा रहा है।
“अभी तो ट्रेलर था, असली फिल्म बाकी है” — 2029 को लेकर बड़ा संकेत
साक्षात्कार के दौरान जब गडकरी से पूछा गया कि वे 2029 के लोकसभा चुनाव में किस भूमिका में होंगे, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा,
> “जो अब तक देखा गया वह सिर्फ ट्रेलर था, असली फिल्म तो अभी बाकी है।”
इस टिप्पणी को लेकर सियासी गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है कि क्या गडकरी आने वाले समय में कोई नई राजनीतिक भूमिका या बड़ी जिम्मेदारी निभा सकते हैं।
विकास और आय पर बेबाक राय
जब उनसे मोदी सरकार की 11 वर्षों की उपलब्धियों और जनता की आर्थिक स्थिति को लेकर सवाल किया गया, तो गडकरी ने कहा कि
> “देश में बड़े स्तर पर विकास हुआ है, लेकिन बढ़ती जनसंख्या की वजह से आम आदमी को उसका सीधा लाभ दिखाई नहीं देता।”
भाजपा में नेताओं की एंट्री पर साधी चुप्पी
हाल ही में भाजपा में शामिल हुए सुधाकर बडगुजर के सवाल पर गडकरी ने साफ कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा एक विचारधारा और कार्यकर्ताओं के समर्पण से बनी पार्टी है।
