जो इंडिया / मुंबई:
पुणे के दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल में हाल ही में सामने आया मामला इस गंभीर मुद्दे की एक और कड़ी है। मटोले ने बताया कि यह कोई पहली घटना नहीं है — मुंबई सहित राज्य के अन्य हिस्सों में इस प्रकार की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जहां गरीब मरीजों को दरकिनार कर अमीर लोगों को ऊंची फीस पर ‘धर्मार्थ’ बिस्तर मुहैया कराए जा रहे हैं।
“इन अस्पतालों का प्रबंधन गरीबों के घाव पर नमक छिड़क रहा है,” मटोले ने कहा। उन्होंने आरोप लगाया कि इन संस्थानों द्वारा खुलेआम सरकारी नियमों की अवहेलना की जा रही है, और प्रशासन चुपचाप तमाशा देख रहा है।
राकांपा ने मांग की है कि धर्मार्थ अस्पतालों के खिलाफ एक प्रभावी निगरानी तंत्र बनाया जाए और जो संस्थान नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं, उनके खिलाफ त्वरित और कड़ी कार्रवाई की जाए। “अगर सरकार ने अब भी आंखें मूंदे रखीं, तो पार्टी सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगी,” मटोले ने चेतावनी दी।
