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रिसार्ट में नो सेफ्टी, सांसत में 20 लाख छात्रों की जान, न अग्निरोधक सुरक्षा, न एंबुलेंस

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मुंबई। मुंबई महानगर क्षेत्र में स्थित रिसार्ट मालिकों द्वारा सुरक्षा के मानकों की अनदेखी की जा रही है। बताया गया है कि एमएमआर क्षेत्र में 170 रिसार्ट में से लगभग 65 फीसदी की सेफ्टी का अनुपालन करते हैं, जबकि करीब 35 फीसदी रिसार्ट के मालिक सेफ्टी नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाते हुए दिखाई दे रहे हैं। इनमें न तो अग्निरोधक सहित अन्य सुरक्षाएं हैं और न ही एंबुलेंस की सुविधा ही उपलब्ध कराई गई है। ऐसे में हर साल इनमें पिकनिक मनाने के लिए मुंबई, उपनगरों, ठाणे के साथ ही अन्य शहरों से जानेवाले करीब 20 लाख छात्रों की जान सांसत में रहती है।

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उल्लेखनीय है कि मुंबई, ठाणे, नई मुंबई, पालघर में स्कूलों में पढ़नेवाले छात्रों का मनोरंजन करने के लिए प्रबंधन मुंबई महानगर क्षेत्र में स्थित रिर्साटों में पिकनिक मनाने के लिए ले जाते हैं। हालांकि कई बार रिसार्टों में बच्चे दुर्घटना के शिकार हो जाते हैं। ऐस समय में वहां अग्निरोधक समेत अन्य सुरक्षाओं का अभाव होता है। इतना ही नहीं दुर्घटना के शिकार बच्चे को इलाज के लिए अस्पताल तक पहुंचान के लिए एंबुलेंस तक की व्यवस्था नहीं होती है। इस स्थिति में बच्चों की जान तक चली जाती है। इसी तरह का एक वाकया बुधवार को घटित हुआ। बुधवार को अपनी दादी और भांडुप की 14 वर्षीय एक किशोरी के साथ पिकनिक सात साल की बच्ची समीक्षा जाधव वसई पश्चिम के रानगांव स्थित एचडी बीच रिसॉर्ट में गई हुई थी। उस समय स्विमिंग पूल में समीक्षा डूब गई। यह घटना दोपहर के समय हुई जब लंच के लिए कतार में इंतजार कर रहे समूह से बिना किसी को बताए पूल में चली गई। वह जब डूबने लगी तब उसके चिल्लाने की आवाज सुनकर लोगों ने उसे बाहर निकाला, लेकिन जब तक उसे अस्पताल ले जाते उससे पहले ही बच्ची का दम निकल चुका था। बता दें कि इस महीने वसई में किसी रिसॉर्ट के पूल में बच्चे के डूबने का यह दूसरा मामला है। इस क्षेत्र में कई रिसॉर्ट और वॉटर पार्क हैं जो विशेष रूप से गर्मियों के दौरान दिन में पिकनिक मनाने वालों को आकर्षित करते हैं।

मुंबई से हर साल पिकनिक के लिए जाते हैं आठ से 10 लाख छात्र

जानकारी के मुताबिक मुंबई में करीब 14000 स्कूल, कॉलेज और क्लासेस संचालित हैं। इसमें लाखों की संख्या में छात्रों को पढ़ाया जाता है। इन स्कूलों से हर साल लगभग 8 से 10 लाख छात्रों को पिकनिक के लिए रिसार्टों में ले जाया जाता है। इसी तरह नई मुंबई के करीब 4500, ठाणे और पालघर के 2000 स्कूलों, कॉलेजों और क्लासेस से साढ़े पांच लाख बच्चों को पिकनिक के लिए ले जाया जाता है।

एमएमआर में हैं 100 बड़े रिसार्ट

एजुकेशनल टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रशांत आंधलकर ने कहा कि पूरे एमएमआर क्षेत्र में 100 बड़े और 70 मध्यम से लेकर छोटे समेत कुल 170 रिसार्ट हैं। इनमें से 25 वाटर और थीम पार्क नुमा विशाल रिसार्ट हैं, जहां सभी तरह की सुरक्षा का ध्यान रखा जाता है। इसके साथ ही अन्य बड़े, मध्यम और छोटे रिसार्टों में से कुछ में सुरक्षा मानकों का अनुपालन होता है। उन्होंने कहा कि ठाणे में 15, नई मुंबई में 10-15, वसई-पालघर में 40 रिसार्ट हैं। लेकिन कई ऐसे रिसार्ट हैं जो इसकी अनदेखी करते हैं। ऐसे में कई बार इसका खामियाजा छोटे बच्चों को उठाना पड़ता है।

मुंबई के मॉलों में भी गेम जोन

आंधलकर ने कहा कि मुंबई के 40-50, ठाणे और पालघर में 15 से 20 ऐसे गेम जोन बनाएं हैं, जहां सुरक्षा प्रबंधों को दरकिनार किया गया है। ऐसे में यहां जाने वाले छात्रों की जान को हमेशा खतरा बना रहता है। हालांकि एसोसिएशन इस तरह की चीजों को गंभीरता से ले रहा है।

रिसॉर्ट्स से होनी चाहिए पूछताछ और जांच

असोसिएशन के प्रमुख अनिल गर्ग ने कहा कि एमएमआरडी क्षेत्र के सभी रिसॉर्ट्स से पूछताछ के साथ ही उनकी जांच की जानी चाहिए। एसोसिएशन ने कई बार रिसॉर्ट मालिकों से उनके पार्क में सुरक्षा नीति के बारे में पूछा है। हमने उनसे आवश्यक दस्तावेज भी पार्क में प्रदर्शित करने का अनुरोध किया। लेकिन कुल रिसॉर्ट्स में से कुछ पार्कों को छोड़कर कोई भी इसे गंभीरता से नहीं ले रहा है।

कई बार पार्कों में नहीं होता है बीमा कवर

गर्ग ने कहा कि कई पार्कों में बीमा कवर नहीं रहती है। कोई एबुंलेंस या मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति में सुविधाएं नहीं होती है। इस बारे में पूछे जाने पर रिसार्टों का जबाव रहता है वे केवल कॉल पर ही डॉक्टरों को बुलाते हैं। सुरक्षा अग्निशामक यंत्र, मेडिकल किट, लाइफ गार्ड प्रशिक्षित हैं या नहीं इसकी कोई जानकारी नहीं रहती है। खाद्य स्वच्छता बहुत खराब रहता है। ऐसे में रिसार्टों के रसोई की सफाई और भोजन के गुणवत्ता की जांच भी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हम सरकार से सभी पार्क का ऑडिट कराने का अनुरोध कर रहे हैं।

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