जोइंडिया टीम मुंबई : (Janata Dal Secular Mumbai Appointment)
जनता दल (सेक्यूलर) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा की सलाह पर, महाराष्ट्र प्रदेश जनता दल (सेक्यूलर) के अध्यक्ष नाथाभाऊ शेवाले ने आधिकारिक तौर पर सुरेंद्रकुमार बाजपेयी को जनता दल (सेक्यूलर) की मुंबई इकाई का अध्यक्ष नियुक्त किया है। बाजपेयी पहले महाराष्ट्र प्रदेश इकाई के कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में कार्यरत थे, अब मुंबई महानगर में पार्टी की उपस्थिति को पुनर्जीवित करने की जिम्मेदारी संभालेंगे। उनके लिए महानगर में संगठन मजबूत करने की बड़ी चुनौती है। पेशे से कंप्यूटर इंजीनियर और वकील बाजपेयी के पास तकनीकी और कानूनी विशेषज्ञता का एक अनूठा अनुभव भी हैं।
प्रदेश अध्यक्ष नाथाभाऊ शेवाले ने कहा कि बाजपेयी की नियुक्ति जमीनी स्तर पर पार्टी संगठन को मजबूत करने की भविष्य की रणनीति के तहत की गई है। अपनी नियुक्ति पर बाजपेयी ने राष्ट्रीय और प्रदेश नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त किया और एक समावेशी मुंबई का दृष्टिकोण साझा किया। उन्होंने कहा कि मैं मुंबई शहर के समग्र उत्थान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हूं। हमारा ध्यान आम आदमी को प्रभावित करने वाले मुख्य शहरी मुद्दों को हल करने पर होगा। हमारा लक्ष्य मुंबई के स्थापित राजनीतिक दलों के विकल्प के रूप में जेडीएस को एक मजबूत और व्यावहारिक समाजवादी और धर्मनिरपेक्ष विकल्प के रूप में पेश करना है। बाजपेयी के साथ ही हाजी सलीम भट्टी को मुंबई जेडीएस का प्रभारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। भट्टी ने कहा, “हम अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़े उन मुद्दों को उठाएंगे जो वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में गंभीर कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं।” वहीं, मुंबई जेडीएस के निवर्तमान अध्यक्ष प्रभाकर नारकर को अब महाराष्ट्र जेडीएस का कार्यकारी अध्यक्ष और महासचिव नियुक्त किया गया है।
इस नियुक्ति समारोह में राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य नीलेश कांथारिया और ललित दादा रुणवाल, महाराष्ट्र जेडीएस के कार्यकारी अध्यक्ष प्रभाकर नारकर, प्रदेश युवा अध्यक्ष ऍड. संग्राम नाथाभाऊ शेवाले, प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष ऍड.सुहास बने, प्रदेश महासचिव प्रेमचंद पांड्या और विनोद मोरे, प्रदेश महिला अध्यक्ष ज्योति बडेकर, प्रदेश कोषाध्यक्ष संजय बाधियानी; प्रदेश सचिव अकबर शेख और मोहम्मद अली सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे। जेडीएस के इस कदम को मुंबई के पेशेवर और मध्यम वर्ग के लोगों को पार्टी से जोड़ने और अपना आधार मजबूत करने की एक रणनीतिक पहल के रूप में देखा जा रहा है।



