महाराष्ट्र में हाल ही में हुए नगर परिषद और नगर पंचायत चुनावों में शिवसेना को मिली बड़ी सफलता पर पार्टी नेतृत्व ने इसे जनता के भरोसे की जीत बताया है। शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम
संजय निरुपम ने कहा कि विरोधी लगातार यह दावा करते रहे हैं कि शिवसेना की ताकत बीजेपी की वजह से है, लेकिन इन नतीजों ने ऐसे सभी दावों को गलत साबित कर दिया है। उन्होंने कहा कि जहां शिवसेना (UBT) सिंगल डिजिट से आगे नहीं बढ़ पाया, वहीं मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में शिवसेना महाराष्ट्र की दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है।
उन्होंने इस जीत को पूरी तरह से शिवसेना प्रमुख और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व की जीत बताया। निरुपम ने कहा कि इन नतीजों से यह भी स्पष्ट हो गया है कि मराठी मानूस आज भी मजबूती से शिवसेना के साथ खड़ा है। उन्होंने बताया कि महायुति की तीनों पार्टियां यह चुनाव अलग-अलग लड़ी थीं, इसके बावजूद जनता ने एकनाथ शिंदे पर भरोसा जताया, जो आने वाले समय में शिवसेना को और मजबूत करेगा
🏹 LIVE📍अंधेरी पश्चिम, मुंबई 🗓️ 23-12-2025
📡 शिवसेना उपनेते व प्रवक्ते श्री संजय निरुपम यांची पत्रकार परिषद – लाईव्ह
https://t.co/NINJRRrNIJ— Shivsena – शिवसेना (@Shivsenaofc) December 23, 2025
बीएमसी चुनाव को लेकर विपक्ष पर हमला
बीएमसी चुनाव को लेकर संजय निरुपम ने उबाठा गुट और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भले ही ये पार्टियां आगामी बीएमसी चुनाव में साथ न दिखें, लेकिन जब-जब ये एक साथ आई हैं, तब मुंबई और महाराष्ट्र ने गंभीर घटनाएं देखी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इनके साथ सत्ता में रहने के दौरान साधुओं की हत्या, एक व्यापारी के घर के बाहर विस्फोटक मिलने जैसी घटनाएं हुईं और तत्कालीन गृह मंत्री पर बीयर बार से वसूली के आरोप लगे।
निरुपम ने कहा कि ऐसे लोगों को मुंबई की जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी। मुंबईकर विकास चाहता है, डर और अराजकता नहीं। उन्होंने उम्मीद जताई कि आगामी बीएमसी चुनाव में “ट्रिपल इंजन सरकार” बनेगी, जिससे केंद्र, राज्य और महानगरपालिका के समन्वय से मुंबई के विकास को नई रफ्तार मिलेगी।
‘मुंबई में कोई मामू या खान महापौर नहीं बनेगा’
उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए संजय निरुपम ने कहा कि उन्होंने बालासाहेब ठाकरे के विचारों से समझौता किया है। निरुपम का आरोप है कि जिहादी वोटों के लिए उद्धव ठाकरे ने हिंदुत्व के विचारों को त्याग दिया और कांग्रेस से हाथ मिला लिया, जिसे महाराष्ट्र की जनता ने नकार दिया। उन्होंने दावा किया कि जनता ने यह साफ कर दिया है कि बालासाहेब ठाकरे के विचारों के असली वारिस एकनाथ शिंदे हैं और यह बात बीएमसी चुनाव में भी दिखाई देगी।
उन्होंने यह भी कहा कि उबाठा गुट के प्रयासों से बीएमसी में कोई “मामू या खान” महापौर बनाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन शिवसेना ऐसे किसी भी प्रयास को सफल नहीं होने देगी।
महानगरपालिका चुनाव में सीट बंटवारे की मांग
महानगरपालिका चुनाव को लेकर संजय निरुपम ने कहा कि महायुति गठबंधन एक साथ चुनाव लड़ेगा, यह तय है। उन्होंने उम्मीद जताई कि बीएमसी चुनाव में वही सीट बंटवारे का फॉर्मूला लागू किया जाएगा, जो विधानसभा चुनाव के दौरान तय हुआ था। उन्होंने बताया कि विधानसभा चुनाव में जिन सीटों पर शिवसेना के विधायक थे, वहां पार्टी ने चुनाव लड़ा था। इसी तर्ज पर बीएमसी चुनाव में भी जिन वार्डों में शिवसेना के नगरसेवक हैं या जो नगरसेवक शिवसेना के साथ आए हैं, उन सभी वार्डों पर शिवसेना को मौका मिलना चाहिए, ताकि महायुति गठबंधन को अधिक लाभ हो सके।
