Joindia
क्राइममुंबई

Sambhajinagar semi nude protest: संभाजीनगर में जिलाधिकारी के बंगले के सामने अर्धनग्न होकर आंदोलन, प्रशासन के खिलाफ जोरदार घोषणाबाजी

132932 ombgnmmpvv 1577296024

जो इंडिया / संभाजीनगर:

Advertisement
छत्रपति संभाजीनगर (Chhatrapati Sambhajinagar) में सोमवार को एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जब कुछ लोगों ने जिलाधिकारी के सरकारी बंगले के सामने अर्धनग्न होकर आंदोलन किया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासनिक उदासीनता और अपनी समस्याओं की अनदेखी का आरोप लगाते हुए जमकर घोषणाबाजी की।

विरोध की वजह

जानकारी के अनुसार, प्रदर्शनकारी पिछले कई महीनों से अपनी समस्याओं को लेकर प्रशासन के दरवाज़े खटखटा रहे थे। उनका कहना था कि बार-बार निवेदन देने के बावजूद उनकी शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
इसी के चलते, उन्होंने सोमवार को चरम कदम उठाते हुए अर्धनग्न होकर विरोध जताया, ताकि प्रशासन और सरकार का ध्यान उनकी ओर आकर्षित हो सके।

नारों से गूंजा जिलाधिकारी आवास क्षेत्र

प्रदर्शनकारियों ने “हमारा हक़ दो”, “न्याय चाहिए”, और “सरकार जवाब दो” जैसे नारे लगाकर माहौल गर्मा दिया।
कुछ प्रदर्शनकारियों ने तख्तियों पर अपनी मांगें लिखी थीं — जैसे मुआवज़े की घोषणा, कर्ज़ माफी, और भ्रष्टाचार के मामलों की जांच।

पुलिस और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई

घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुँची और प्रदर्शनकारियों को शांत कराया।
सुरक्षा कारणों से जिलाधिकारी आवास के आसपास का इलाका कुछ समय के लिए बंद कर दिया गया।
पुलिस ने बताया कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा और किसी तरह की तोड़फोड़ या हिंसा की घटना नहीं हुई।

प्रशासन ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और प्रदर्शनकारियों की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा।

जिलाधिकारी कार्यालय का बयान

जिलाधिकारी कार्यालय ने कहा —

> “प्रदर्शनकारियों की मांगों की समीक्षा की जाएगी। हम शांतिपूर्ण विरोध का सम्मान करते हैं, लेकिन सार्वजनिक मर्यादा और कानून का पालन भी आवश्यक है। मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।”

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया

पास के दुकानदारों के अनुसार, विरोध करने वाले लगभग 25–30 लोग थे। प्रदर्शन करीब आधे घंटे तक चला।
कुछ लोगों ने बताया कि प्रदर्शनकारी कई बार प्रशासनिक दफ्तरों के चक्कर काट चुके थे, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।

कानूनी स्थिति

अर्धनग्न होकर प्रदर्शन करना लोक शांति और सार्वजनिक शालीनता से जुड़ा मामला माना जाता है।
स्थानीय पुलिस ने IPC की संबंधित धाराओं के तहत जांच शुरू कर दी है, ताकि यह पता चल सके कि प्रदर्शन कानूनी सीमा में था या नहीं।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ

घटना के बाद स्थानीय राजनीतिक दलों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
कुछ नेताओं ने कहा कि “लोग इस तरह का कदम तब उठाते हैं जब उन्हें बार-बार अनसुना किया जाता है।”
वहीं, कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि विरोध तो जायज़ है, लेकिन अर्धनग्न होकर प्रदर्शन करना सामाजिक मर्यादा के विरुद्ध है।

आगे की जांच जारी

प्रशासन ने तीन सदस्यीय समिति गठित कर मामले की रिपोर्ट मांगी है।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की है और उन्हें आश्वासन दिया गया है कि उनकी समस्याओं का समाधान जल्द किया जाएगा।

Related posts

नए साल 2026 में मुंबईकरों को मिली बड़ी राहत, 31 दिसंबर की रात घर लौटना हुआ आसान, 4 विशेष ट्रेनें चलेंगी

Maharashtra air pollution crisis: 640 करोड़ खर्च, फिर भी मुंबई समेत 15 शहरों में बढ़ा प्रदूषण

Deepak dubey

Maharashtra government salary: गणेशोत्सव से पहले खुशखबर — महाराष्ट्र सरकार ने कहा: अगस्त का वेतन 26 अगस्त को मिलेगा

Deepak dubey

Leave a Comment