जो इंडिया / मुंबई। मुंब्रा दुर्घटना (mumbra accident) के बाद यात्रियों की सुरक्षा को लेकर रेलवे प्रशासन (Railway Administration
रेलवे के अनुसार, हर लोकल ट्रेन के केबिन में 6 कैमरे लगाए गए हैं – जिनमें एक कैमरा ट्रेन के सामने के ट्रैक की निगरानी करता है, जबकि दो कैमरे मोटरमैन के केबिन के भीतर लगे हैं। यही अंदरूनी कैमरे अब विवाद का कारण बन गए हैं। रेलवे यूनियनों ने इसका तीखा विरोध करते हुए इसे कर्मचारियों की निजता में हस्तक्षेप बताया है।

रेलवे प्रशासन का कहना है कि यह कदम यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। कई बार देखा गया है कि मोटरमैन गति सीमा का उल्लंघन करते हैं या सिग्नल नियमों की अनदेखी करते हैं, जिससे दुर्घटनाएं होती हैं। अब इन कैमरों की मदद से जांच में मोटरमैन की जिम्मेदारी और लापरवाही तय की जा सकेगी।
हालांकि, रेल कामगार सेना के कार्याध्यक्ष संजय जोशी ने चेतावनी दी है कि अगर इन कैमरों का उपयोग कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए किया गया, तो वे जोरदार आंदोलन करेंगे। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि पहले एक बार सिग्नल के पास हाथ से इशारा करने का नियम थोपे जाने पर भी यूनियनों के दबाव से वह नियम हटाना पड़ा था।
रेलवे प्रशासन ने हालांकि यह स्पष्ट किया है कि सीसीटीवी फुटेज का इस्तेमाल सिर्फ जांच और सुरक्षा के संदर्भ में होगा, और इस व्यवस्था का उद्देश्य डराने या अनुशासनात्मक दंड देना नहीं है।
