जो इंडिया / नई दिल्ली। (Nirmala Sitharaman’s budget 2026)
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में वित्त वर्ष 2026-27 (Finance Minister Nirmala Sitharaman presented the budget for the financial year 2026-27 in Parliament)
बजट का कुल आकार और वित्तीय अनुशासन
सरकार ने बजट का कुल आकार लगभग 53.5 लाख करोड़ रुपये रखा है। वित्तीय घाटे को जीडीपी के 4.3 प्रतिशत तक सीमित रखने का लक्ष्य तय किया गया है। सरकार का कहना है कि खर्च बढ़ाने के साथ-साथ कर्ज और घाटे पर नियंत्रण बनाए रखना भी जरूरी है, ताकि अर्थव्यवस्था संतुलित बनी रहे।
मिडिल क्लास को कितनी राहत मिली
मध्यम वर्ग के लिए बजट में कोई बड़ी खुशखबरी नहीं आई। आयकर स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है। नई टैक्स व्यवस्था के तहत 12 लाख रुपये तक की आय पर पहले से मिल रही राहत को जारी रखा गया है। हालांकि वेतनभोगी और मध्यम वर्ग जिस अतिरिक्त टैक्स कटौती की उम्मीद कर रहे थे, वह इस बार भी अधूरी रह गई।
कहां मिली टैक्स राहत
बजट में कुछ ऐसे फैसले भी लिए गए हैं जिनसे आम लोगों को राहत मिलेगी। विदेश यात्रा, शिक्षा और मेडिकल खर्चों पर लगने वाला टीसीएस कम किया गया है। मोटर दुर्घटना मुआवजे पर मिलने वाले ब्याज को आयकर से मुक्त कर दिया गया है। इसके अलावा कैंसर की कई जरूरी दवाओं पर कस्टम ड्यूटी हटाने का ऐलान किया गया है, जिससे इलाज सस्ता होने की उम्मीद है।
शेयर बाजार निवेशकों पर बढ़ा बोझ
जहां कुछ वर्गों को राहत मिली, वहीं शेयर बाजार से जुड़े निवेशकों के लिए बजट थोड़ा भारी साबित हुआ। सरकार ने सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स में बढ़ोतरी की है। इसका सीधा असर फ्यूचर्स और ट्रेडिंग करने वालों पर पड़ेगा। इस फैसले से बाजार में सक्रिय निवेशकों की लागत बढ़ सकती है।
इन्फ्रास्ट्रक्चर पर सबसे बड़ा फोकस
बजट 2026 में इंफ्रास्ट्रक्चर सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता बनकर सामने आया है। पूंजीगत व्यय को रिकॉर्ड स्तर तक बढ़ाया गया है। सड़कों, रेलवे, हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, एक्सप्रेसवे और जलमार्गों के विकास के लिए बड़े प्रावधान किए गए हैं। सरकार का मानना है कि इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश से रोजगार बढ़ेगा और आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी।
किसानों और ग्रामीण भारत के लिए क्या खास
कृषि और ग्रामीण क्षेत्र को भी बजट में नजरअंदाज नहीं किया गया है। किसानों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित डिजिटल प्लेटफॉर्म शुरू करने की घोषणा की गई है, जिससे उन्हें फसल, मौसम और बाजार से जुड़ी जानकारी मिलेगी। जल जीवन मिशन के बजट में बढ़ोतरी कर ग्रामीण इलाकों में पेयजल आपूर्ति को मजबूत करने पर जोर दिया गया है।
रक्षा बजट में रिकॉर्ड बढ़ोतरी
राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रक्षा बजट में बड़ी बढ़ोतरी की गई है। रक्षा बजट को बढ़ाकर 7.85 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है। सरकार ने स्वदेशी रक्षा उत्पादन और आत्मनिर्भर भारत अभियान को और मजबूत करने की बात कही है, जिससे घरेलू रक्षा उद्योग को लाभ मिलेगा।
टेक्नोलॉजी और भविष्य की अर्थव्यवस्था पर दांव
बजट में टेक्नोलॉजी और भविष्य के सेक्टरों पर खास फोकस देखने को मिला। सेमीकंडक्टर मिशन के दूसरे चरण के लिए बड़े निवेश की घोषणा की गई है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा सेंटर और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने के लिए नीतिगत और टैक्स संबंधी समर्थन देने का ऐलान किया गया है।
MSME और छोटे कारोबारियों को सहारा
छोटे और मध्यम उद्योगों के लिए सरकार ने एमएसएमई ग्रोथ फंड की घोषणा की है। इसके जरिए छोटे कारोबारियों को पूंजी और वित्तीय सहायता मिलने की उम्मीद है। सरकार का मानना है कि एमएसएमई सेक्टर मजबूत होगा तो रोजगार और उत्पादन दोनों बढ़ेंगे।
कुल मिलाकर बजट का संदेश
बजट 2026-27 को टैक्स राहत से ज्यादा विकास और निवेश पर केंद्रित बजट माना जा रहा है। इसमें मध्यम वर्ग को सीमित राहत मिली, लेकिन इंफ्रास्ट्रक्चर, रक्षा, टेक्नोलॉजी, कृषि और उद्योग के लिए बड़े कदम उठाए गए हैं। यह बजट तात्कालिक फायदे से ज्यादा देश की लंबी अवधि की आर्थिक मजबूती पर फोकस करता नजर आता है।
