
मुंबई की जीवनरेखा कही जाने वाली मध्य रेलवे ( central railway) की लोकल ट्रेन सेवाएं (Local train services) लगातार तीसरे दिन भी अपने निर्धारित समय से पटरी पर नहीं लौट सकीं। बुधवार को भी ट्रेनों में 20 से 25 मिनट की देरी दर्ज की गई, जिससे दफ्तर, स्कूल और अस्पताल जाने वाले यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी।
सोमवार की मूसलाधार बारिश का असर अभी तक रेल सेवाओं पर बना हुआ है। कई स्टेशनों पर ट्रेनों के इंतजार में खड़े यात्रियों की भीड़ उमड़ पड़ी। घाटकोपर से सीएसटी जाने वाली वैभवी सावंत ने बताया कि प्लेटफॉर्म पर खड़े-खड़े थकान हो जाती है और ट्रेन की लेटलतीफी से रोज़ की दिनचर्या बिगड़ जाती है।
डोंबिवली निवासी मंजू यादव, जो भायखला में एक बुज़ुर्ग मरीज की देखभाल करती हैं, ने कहा कि ट्रेन लेट होने से मरीज की दवाइयों और समय पर देखभाल में देरी होती है। वहीं विठ्ठलवाड़ी की अर्चना पाल ने बताया कि ऑफिस देर से पहुंचना अब रोज़ का तनाव बन गया है, जो काम और मानसिक स्वास्थ्य दोनों पर असर डालता है।
रेलवे प्रशासन ने अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं दिया है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में और बारिश की चेतावनी दी है, जिससे यात्री सेवा और अधिक बाधित हो सकती है। यात्रियों ने रेलवे से अपील की है कि ट्रेनों की समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए उचित कदम उठाए जाएं।
