जो इंडिया/मुंबई: (Aadhaar Card Update for Children)
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने छोटे बच्चों के आधार कार्ड से जुड़ा एक महत्वपूर्ण नियम स्पष्ट किया है। जिन बच्चों का आधार कार्ड पांच साल की उम्र से पहले बनवाया गया है, उनका बायोमेट्रिक (फिंगरप्रिंट और आंखों की स्कैनिंग) अपडेट नहीं होता है। इस कारण जैसे ही बच्चा 5 साल का हो जाता है, उसके आधार कार्ड में बायोमेट्रिक अपडेट कराना अनिवार्य हो जाता है। यही प्रक्रिया बच्चे के 15 साल के होने पर भी दोहरानी पड़ती है।
UIDAI के अनुसार, यह अपडेट पूरी तरह फ्री ऑफ कॉस्ट होता है और किसी भी नजदीकी आधार केंद्र पर जाकर आसानी से कराया जा सकता है। अगर समय पर अपडेट नहीं कराया गया, तो आधार कार्ड कई सरकारी योजनाओं, स्कूल एडमिशन और बैंकिंग कामों में अमान्य माना जा सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि माता-पिता को चाहिए कि वे बच्चों का आधार कार्ड 5 साल और 15 साल की उम्र में ज़रूर अपडेट कराएं। इसके अलावा अगर एड्रेस, मोबाइल नंबर या अन्य व्यक्तिगत जानकारी में बदलाव हो तो भी अपडेट करना ज़रूरी है।
सरकार का मानना है कि आधार कार्ड अपडेट करने से बच्चों की पहचान सही बनी रहती है और भविष्य में किसी भी तरह की परेशानी से बचा जा सकता है।
याद रखें:
5 और 15 साल की उम्र पर बायोमेट्रिक अपडेट कराना अनिवार्य है।
यह प्रक्रिया बिल्कुल मुफ्त है।
समय पर अपडेट न कराने पर आधार कार्ड कई सेवाओं में अमान्य हो सकता है।



