भारत का रोजगार बाजार वर्ष 2025 में नई ऊंचाइयों पर पहुंच गया है। Apna.co की ‘इंडिया ऐट वर्क 2025’ रिपोर्ट के अनुसार, इस साल देशभर में 9 करोड़ से अधिक जॉब एप्लिकेशन दर्ज किए गए, जो सालाना आधार पर 29% की उल्लेखनीय वृद्धि को दर्शाते हैं। इस तेज़ विस्तार के पीछे महिलाओं और युवाओं की बढ़ती भागीदारी, सर्विस सेक्टर का महानगरों से बाहर विस्तार और डिजिटल भर्ती टूल्स का व्यापक उपयोग प्रमुख कारण रहे।
रिपोर्ट ऐसे समय सामने आई है जब भारत नॉमिनल जीडीपी के आधार पर जापान को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। विशेषज्ञों के अनुसार, रोजगार बाजार की यह मजबूती देश की व्यापक आर्थिक प्रगति का संकेत है।
महिलाओं की भागीदारी में रिकॉर्ड बढ़ोतरी
रोजगार बाजार में महिलाओं की सक्रियता 2025 में सबसे बड़ा बदलाव बनकर उभरी। फाइनेंस, एडमिनिस्ट्रेशन, कस्टमर एक्सपीरियंस और हेल्थकेयर सपोर्ट जैसे क्षेत्रों में महिलाओं के आवेदनों में 36% की वृद्धि दर्ज की गई। कुल मिलाकर महिलाओं ने 3.8 करोड़ से अधिक जॉब एप्लिकेशन किए।
टियर-1 शहरों से करीब 2 करोड़ और टियर-2 व टियर-3 शहरों से 1.8 करोड़ आवेदन आए, जो उभरते शहरों में अवसरों के विस्तार को दर्शाता है। साथ ही, महिलाओं की औसत सैलरी में भी 22% का इजाफा हुआ है। प्रबंधकीय और वरिष्ठ पदों के लिए 1.1 करोड़ एप्लिकेशन दर्ज किए गए, जो पिछले वर्ष की तुलना में 35% अधिक हैं।
युवाओं और फ्रेशर्स का मजबूत प्रवेश
वर्ष 2025 में फ्रेशर्स की ओर से 2.2 करोड़ से अधिक एप्लिकेशन आए, जो 2024 के मुकाबले 10% अधिक हैं। इनमें से 1.3 करोड़ आवेदन टियर-2 और टियर-3 शहरों से आए। युवाओं में एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विसेज, डिजिटल ऑपरेशंस और फाइनेंस व अकाउंटिंग जैसी भूमिकाओं को लेकर खास रुचि देखी गई, जबकि फील्ड-इंटेंसिव नौकरियों का आकर्षण घटा है।
नियोक्ताओं की बढ़ती भागीदारी
Apna प्लेटफॉर्म पर 2025 में जॉब पोस्टिंग्स की संख्या 14 लाख के पार पहुंच गई, जो 15% की वृद्धि है। यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से छोटे और मध्यम उद्योगों (SMBs) के डिजिटल भर्ती अपनाने और बड़ी कंपनियों के टियर-2 व टियर-3 शहरों में विस्तार के कारण हुई।
जहां SMBs ने 10 लाख वैकेंसी पोस्ट कीं (11% वृद्धि), वहीं बड़े उद्यमों ने 4 लाख पोस्टिंग्स के साथ 14% की बढ़ोतरी दर्ज की। बीएफएसआई, रिटेल, लॉजिस्टिक्स, ई-कॉमर्स, हेल्थकेयर और आईटी सेवाएं सबसे ज्यादा मांग वाले सेक्टर रहे।
महानगरों से बाहर कॉर्पोरेट विस्तार
बड़ी कंपनियां अब अपने सर्विस और सपोर्ट फंक्शंस को महानगरों से बाहर स्थानांतरित कर रही हैं। टियर-2 और टियर-3 शहरों में सबसे तेज़ ग्रोथ दर्ज की गई। विप्रो एंटरप्राइजेज, एचडीएफसी एर्गो, आईटीसी, टाटा 1mg, पॉलिसीबाजार, ओला इलेक्ट्रिक और स्विगी इस वर्ष के प्रमुख भर्तीकर्ताओं में शामिल रहे।
रोजगार सृजन में SMBs की अहम भूमिका
छोटे और मध्यम व्यवसाय 2025 में रोजगार सृजन का मजबूत आधार बने। शिक्षा, प्रशिक्षण, हेल्थकेयर, रिटेल और वेलनेस सेक्टर में भर्ती सबसे ज्यादा रही। लखनऊ, अहमदाबाद, जयपुर, इंदौर, सूरत और चंडीगढ़ जैसे शहरों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई।
भर्ती प्रक्रिया में AI का बढ़ता उपयोग
रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में Apna प्लेटफॉर्म पर 73 लाख से अधिक एआई इंटरव्यू सेशन आयोजित हुए, जिनमें 1.9 करोड़ मिनट दर्ज किए गए। वहीं, 6,000 से अधिक कंपनियों ने एआई कॉलिंग एजेंट अपनाए, जिससे लगभग 12 लाख ऑटोमेटेड स्क्रीनिंग संभव हो सकीं और रिक्रूटर्स का वर्षों का समय बचा।
Apna.co के जॉब्स मार्केटप्लेस के सीईओ कार्तिक नारायण ने कहा कि 2025 के आंकड़े एक अधिक कुशल और महत्वाकांक्षी वर्कफोर्स की तस्वीर पेश करते हैं, जहां महिलाएं और युवा औपचारिक सेवा क्षेत्र की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं और एआई भर्ती प्रक्रिया का अहम हिस्सा बन चुका है।
रिपोर्ट के अनुसार, ये रुझान आने वाले वर्षों में भारत के रोजगार बाजार को और अधिक समावेशी, डिजिटल और विकेंद्रीकृत बनाने की दिशा में अहम भूमिका निभाएंगे।



