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Thackeray brothers alliance: ठाकरे बंधुओं की युति पर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की पहली प्रतिक्रिया “लोकतंत्र में हर किसी को साथ आने का अधिकार, जनता तय करेगी किसे स्वीकार करना है”

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जो इंडिया /

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मुंबई। (Thackeray brothers alliance)

महाराष्ट्र की राजनीति में ठाकरे बंधुओं—उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे—की संभावित युति को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। इसी बीच इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है। शिंदे ने ठाकरे बंधुओं के साथ आने को लेकर संतुलित और सधी हुई टिप्पणी करते हुए इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा बताया और अंतिम फैसला जनता पर छोड़ दिया।
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मीडिया से बातचीत में कहा कि लोकतंत्र में हर राजनीतिक दल और नेता को अपने फैसले लेने का पूरा अधिकार है। अगर कोई साथ आना चाहता है या अलग होना चाहता है, तो यह उनका आंतरिक मामला है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार और गठबंधन जनता के विकास और जनहित के मुद्दों पर केंद्रित है, न कि राजनीतिक जोड़-तोड़ पर।

“जनता विकास देखती है, गठबंधन नहीं”

शिंदे ने कहा, “आज की राजनीति में जनता यह देखती है कि कौन विकास करता है, कौन काम करता है। केवल नाम या परिवार के आधार पर राजनीति अब नहीं चलती। जनता बहुत समझदार है और वही तय करेगी कि किसे समर्थन देना है।”
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि ठाकरे बंधुओं की संभावित युति से उनकी सरकार पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

शिवसेना पर अप्रत्यक्ष टिप्पणी

बिना किसी का नाम लिए मुख्यमंत्री शिंदे ने यह भी कहा कि विचारधारा और जमीन से जुड़े कार्यकर्ता ही किसी पार्टी की असली ताकत होते हैं। उन्होंने दावा किया कि आज जो शिवसेना आम लोगों के मुद्दों पर काम कर रही है, वही असली शिवसेना है और जनता ने इसे स्वीकार भी किया है।

सरकार के काम गिनाए

ठाकरे बंधुओं की युति की चर्चा के बीच शिंदे ने अपनी सरकार की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने बुनियादी ढांचे के विकास,किसानों के लिए राहत योजनाओं,युवाओं के रोजगार
महिलाओं के लिए सामाजिक योजनाओं पर ठोस काम किया है।
शिंदे ने कहा कि आने वाले समय में सरकार का पूरा फोकस विकास, स्थिरता और जनकल्याण पर रहेगा।

राजनीतिक गलियारों में हलचल

ठाकरे बंधुओं की संभावित युति को लेकर राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। जहां एक ओर इसे मराठी अस्मिता और भावनात्मक राजनीति से जोड़कर देखा जा रहा है, वहीं दूसरी ओर शिंदे गुट और महायुति इसे केवल एक राजनीतिक प्रयोग बता रही है।

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