वसई तालुका में स्थानीय मूल निवासियों से जुड़े राजस्व-संबंधी मामलों में हो रही देरी और प्रशासनिक लापरवाही के विरोध में 18 मार्च 2026 को एक विशाल विरोध मार्च आयोजित किया जाएगा। इस मार्च का आह्वान भूमिपुत्र फाउंडेशन द्वारा किया गया है। संगठन के संस्थापक अध्यक्ष सुशांत (दादा) पाटिल ने वसई तालुका के सभी स्थानीय मूल निवासियों (भूमिपुत्रों) से बड़ी संख्या में इस आंदोलन में शामिल होने की अपील की है।
संगठन का कहना है कि पिछले काफी समय से स्थानीय लोगों के जमीन, वारसदाखल, नामांतरण, 7/12 उतारे, तथा अन्य राजस्व से जुड़े मामलों में अनावश्यक देरी हो रही है। कई मामलों में प्रशासनिक प्रक्रियाओं की धीमी गति और लापरवाही के कारण आम नागरिकों को बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। इससे भूमिपुत्रों में नाराज़गी बढ़ती जा रही है।
भूमिपुत्र फाउंडेशन ने यह भी मांग उठाई है कि सरकार द्वारा घोषित “छत्रपति शिवाजी महाराज राजस्व निवारण शिविर” को वसई तालुका में प्रभावी तरीके से लागू किया जाए, ताकि लोगों के लंबित राजस्व मामलों का जल्द निपटारा हो सके। संगठन का कहना है कि यदि इस योजना को सही तरीके से लागू किया जाए तो हजारों स्थानीय परिवारों को राहत मिल सकती है।
इन्हीं मुद्दों को लेकर 18 मार्च को तहसीलदार कार्यालय, वसई पश्चिम तक विशाल विरोध मार्च निकाला जाएगा। यह मार्च सुबह ठीक 11:00 बजे शुरू होगा, जिसमें वसई तालुका के विभिन्न गांवों और इलाकों से बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों के शामिल होने की संभावना है।
संस्थापक अध्यक्ष सुशांत (दादा) पाटिल ने कहा कि यह आंदोलन पूरी तरह से लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से किया जाएगा, लेकिन यदि प्रशासन ने भूमिपुत्रों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया तो आगे और बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
भूमिपुत्र फाउंडेशन ने वसई तालुका के सभी स्थानीय मूल निवासियों से अपील की है कि वे अपने हक और अधिकारों की आवाज बुलंद करने के लिए 18 मार्च को तहसीलदार कार्यालय, वसई पश्चिम पहुंचकर इस विरोध मार्च में बड़ी संख्या में शामिल हों।




