दिग्गज गायिका आशाताई भोसले के अंतिम संस्कार के बाद शिंदे गुट के नेता मिलिंद देवड़ा के एक ट्वीट ने विवाद को हवा दे दी, उन्होंने लिखा कि एक अपवाद यहां नहीं आया, जिस पर कांग्रेस ने अपने ऊपर लेते हुए तीखा और आक्रामक पलटवार किया है। मिलिंद को गद्दार तक कह दिया। मामला राजनीतिक टकराव के चरम पर पहुंच गया।
दरअसल, मुंबई के शिवाजी पार्क श्मशानभूमि में आशा भोसले को अंतिम विदाई देने के बाद मिलिंद देवड़ा ने ट्वीट कर कहा कि लगभग सभी राजनीतिक दलों के वरिष्ठ नेता इस मौके पर मौजूद थे, लेकिन एक अपवाद साफ नजर आया, जो देश की सांस्कृतिक संवेदनाओं से दूरी को दर्शाता है। उनके इस बयान को कांग्रेस ने सीधे अपने ऊपर हमला मानते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी।
कांग्रेस ने पलटवार करते हुए देवड़ा पर जमकर निशाना साधा। पार्टी ने उन्हें लाचार, अज्ञानी और राजनीति का सबसे निचला उदाहरण तक करार दे दिया। कांग्रेस का कहना है कि उनके वरिष्ठ नेता नसीम खान, सुशील कुमार शिंद और अन्य कई नेता खुद उपस्थित होकर श्रद्धांजलि दे चुके थे, जो पार्टी की परंपरा और संस्कृति को दर्शाता है।
कांग्रेस ने अपने बयान में देवड़ा पर “गद्दारी” का आरोप लगाते हुए कहा कि जिस पार्टी ने उनके परिवार को पहचान और सत्ता दी, उसी के खिलाफ बयानबाज़ी करना निचलेपन की हद है। पार्टी ने यह भी कहा कि लाचारी की भी एक सीमा होती है, लेकिन देवड़ा ने उसे भी पार कर लिया है।
विवाद पर मिलिंद देवड़ा ने दूसरा ट्वीट कर सफाई दी। उन्होंने कहा कि उनका पहला ट्वीट कांग्रेस के लिए नहीं था, बल्कि किसी और की ओर इशारा था।
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