जो इंडिया / मुंबई। (Mumbai Literature Event 2026)
मुंबई में आयोजित “जहीर कुरेशी स्मृति व्याख्यानमाला 5” में साहित्य, कला और फिल्म जगत की कई प्रतिष्ठित हस्तियों ने शिरकत कर प्रख्यात शायर जहीर कुरेशी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में वक्ताओं ने उनके साहित्यिक योगदान को याद करते हुए उनकी ग़ज़लों की गहराई और सामाजिक सरोकारों पर प्रकाश डाला।
मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित अभिनेता राजेंद्र गुप्ता ने कहा कि जहीर कुरेशी की ग़ज़लें जीवन की बारीकियों को बेहद संवेदनशीलता से प्रस्तुत करती हैं। उन्होंने उनकी पंक्तियों का उल्लेख करते हुए कहा कि यह शायरी अंधेरों से लड़ने की प्रेरणा देती है और एक सच्चे शायर की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे शिक्षाविद और शायर ओबैद आजम आजमी ने कहा कि जहीर कुरेशी ने ग़ज़ल को एक नया मिजाज दिया, जो सीधे दिल और दिमाग पर असर करता है। वहीं प्रख्यात शायर नवाब आरजू ने भावुक होते हुए कहा, “शायर कभी नहीं मरता, वह अपने शब्दों के जरिए लोगों के दिलों में हमेशा जिंदा रहता है। जहीर कुरेशी भी हमारे दिलों में जीवित हैं।”
फिल्मकार संदीप नाथ ने जहीर कुरेशी के साथ अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए कहा कि उनसे मिले संस्कार आज भी उनके जीवन में मार्गदर्शक हैं और एक लेखक के रूप में वे हमेशा उनके भीतर मौजूद रहेंगे।
कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कथाकार और पत्रकार हरीश पाठक ने कहा कि कठिन समय में जहीर कुरेशी उनके लिए दिशा-निर्देशक की तरह रहे और उनके जीवन का एक बेहद भावनात्मक हिस्सा हैं।
“कथा”, “दीनदयाल मुरारका फाउंडेशन” और “जलधारा” के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम का संचालन विवेक अग्रवाल ने किया, जबकि स्वागत भाषण दीनदयाल मुरारका और आभार प्रदर्शन श्रीमती कमलेश पाठक ने किया।
कार्यक्रम के दूसरे सत्र में रचना पाठ का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता नवाब आरजू ने की। इस दौरान राजेंद्र गौतम, अशोक कुमार नीरद, संध्या यादव, अनिल गौड़ और सुभाष पाठक जिया सहित कई रचनाकारों ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कर श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया।

इस अवसर पर अभिनेता विष्णु शर्मा, श्रुति भट्टाचार्य, मंजू श्री, अंजू शर्मा, सुरेश शर्मा, ओमप्रकाश तिवारी, धनंजय कुमार, शैलेन्द्र गौड़, बनमाली चतुर्वेदी, हेमा चंदानी, कमर हाजीपुरी, प्रमोद दुबे, संतोष ओझा, अनिल गलगली, प्रतिमा चौहान और साधना तिवारी सहित साहित्य, कला और संस्कृति जगत से जुड़े अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।



