आज महाराष्ट्र (Maharashtra) की सियासत एक निर्णायक मोड़ पर खड़ी है। राज्य की 29 म्युनिसिपल कॉर्पोरेशनों के लिए आज मतदान हो रहा है—वह भी पूरे दस साल के लंबे अंतराल के बाद। यह चुनाव (Election 2026) सिर्फ नगरसेवक चुनने का नहीं, बल्कि यह तय करने का दिन है कि शहर किस दिशा में जाएंगे और राजनीति किस रास्ते पर मुड़ेगी।
सबसे कड़ी परीक्षा मुंबई में है, जहाँ ठाकरे भाइयों (Raj Thackeray-Uddhav Thackeray) के गठबंधन की अग्निपरीक्षा हो रही है। मुकाबला सीधा और बेहद तीखा है—एक तरफ BJP और शिंदे की शिवसेना, दूसरी तरफ ठाकरे गुट का गठबंधन (Thackeray brothers)।
227 सीटों वाली मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के लिए 1700 से ज्यादा उम्मीदवार मैदान में हैं, जबकि पूरे शहर में 1 करोड़ 33 लाख से अधिक वोटर आज यह तय करेंगे कि सत्ता की चाबी किसे सौंपी जाए।
यह सिर्फ आंकड़ों की लड़ाई नहीं है, बल्कि विश्वास, अस्मिता और भविष्य की राजनीति का संघर्ष है। मुंबई का फैसला आने वाले विधानसभा और लोकसभा समीकरणों की दिशा भी तय कर सकता है।
नासिक से कोल्हापुर तक सियासी बिसात बिछी
नासिक में तस्वीर अलग है—यहाँ BJP अकेले 122 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, जबकि शिंदे की शिवसेना और अजित पवार गुट साथ मिलकर मैदान में हैं। गठबंधन बनाम एकला चलो की यह रणनीति नासिक को हाई-वोल्टेज बना रही है।
वहीं कोल्हापुर में 81 सीटों के लिए मतदान हो रहा है। यहाँ महायुति ने एकजुट होकर चुनाव लड़ने का फैसला किया है, लेकिन असली मुकाबला कांग्रेस और उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट के बीच माना जा रहा है। यह टक्कर स्थानीय सत्ता से कहीं आगे जाकर राज्यस्तरीय संदेश दे सकती है।
सुबह से लोकतंत्र की कतारें, कल खुलेगा फैसला
मतदान की प्रक्रिया सुबह 7.30 बजे शुरू हो चुकी है। शहरों में लंबी कतारें, तेज सियासी बयानबाज़ी और हाई अलर्ट—हर संकेत बता रहा है कि यह चुनाव रूटीन नहीं, रेफरेंडम जैसा है।
अब निगाहें 16 जनवरी पर टिकी हैं, जब नतीजे घोषित होंगे। तब तय होगा— कौन बचेगा, कौन पिछड़ेगा और महाराष्ट्र की शहरी राजनीति किस करवट बैठेगी।



