जो इंडिया / मुंबई: (Fake railway ticket crackdown)
लोकल ट्रेनों में फर्जी स्क्रीनशॉट, नकली यूटीएस टिकट और जाली पास के सहारे सफर करने वालों के लिए अब बुरी खबर है। सेंट्रल रेलवे ने टिकट माफिया के खिलाफ ऐसा हाईटेक और सख्त डिजिटल एक्शन लिया है, जिससे जनवरी 2026 के बाद पूरा सिस्टम ही बदल गया है। रेलवे अधिकारियों का साफ कहना है—अब न चालाकी चलेगी, न जुगाड़। फर्जी टिकट के साथ पकड़े गए तो सीधे कानून की गिरफ्त तय है।
यूटीएस का दौर खत्म, ‘रेलवन’ से नई शुरुआत
भारतीय रेलवे ने पुराने यूटीएस मोबाइल ऐप को चरणबद्ध तरीके से हटाकर नया ‘रेलवन सुपर ऐप’ लागू कर दिया है। अब लोकल ट्रेन के टिकट और सीजन पास सिर्फ इसी नए ऐप से जारी किए जा रहे हैं।
रेलवन ऐप में मौजूद ‘ट्रांसफर टिकट’ फीचर के जरिए पुराने यूटीएस डेटा को सुरक्षित तरीके से माइग्रेट किया जा रहा है। इससे टिकट की क्लोनिंग, एडिटिंग या स्क्रीनशॉट के दुरुपयोग की गुंजाइश लगभग खत्म हो गई है।
टीटीई की जांच हुई पूरी तरह हाईटेक
अब टिकट जांच भी पुराने तरीके से नहीं होगी। सेंट्रल रेलवे ने टीटीई और टिकट चेकिंग स्टाफ को अत्याधुनिक मोबाइल ऐप उपलब्ध कराए हैं, जिनसे
क्यूआर कोड
यूटीएस/रेलवन टिकट नंबर
कलर कोड और लाइव स्टेटस
की रियल-टाइम स्कैनिंग की जा सकेगी। मोबाइल में सेव किया गया फर्जी स्क्रीनशॉट दिखाने वालों की सच्चाई अब एक सेकंड में सामने आ जाएगी।
आधार सत्यापन से दलालों की कमर टूटी
रेलवे के फर्जी टिकट नेटवर्क पर सबसे बड़ा वार आधार सत्यापन के जरिए हुआ है।
5 जनवरी 2026 से आईआरसीटीसी ने आधार-वेरिफाइड यूजर्स को प्राथमिकता बुकिंग देना शुरू कर दिया है। इससे बॉट आईडी, फर्जी अकाउंट और दलालों की गतिविधियों पर सीधा असर पड़ा है।
रेलवे सूत्रों के अनुसार, मुंबई और आसपास के इलाकों में सक्रिय कई टिकट रैकेट पहले ही बंद हो चुके हैं।
फर्जी टिकट = सीधा जेल
मुंबई डिवीजन की एसी लोकल ट्रेनों में हाल ही में एआई-जनरेटेड और नकली यूटीएस टिकट पकड़े जाने के बाद रेलवे ने कड़ा अलर्ट जारी किया है।
अब फर्जी टिकट के साथ पकड़े जाने पर भारतीय न्याय संहिता 2023 के तहत धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया जाएगा।
इसमें भारी जुर्माना और 7 साल तक की जेल का प्रावधान है।
रेलवे ने साफ कर दिया है कि अब चेतावनी नहीं, सीधे कानूनी कार्रवाई होगी।
यात्रियों के लिए सख्त अलर्ट
सेंट्रल रेलवे ने यात्रियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि टिकट सिर्फ आधिकारिक आईआरसीटीसी वेबसाइट या रेलवन ऐप से ही खरीदें स्क्रीनशॉट दिखाकर सफर करने की कोशिश न करें
टिकट जांच के समय ऐप में लाइव टिकट दिखाना अनिवार्य होगा
नियमों की अनदेखी अब उलटी पड़ सकती है और मामूली बचत के चक्कर में बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है। डिजिटल सख्ती से साफ होगा लोकल सिस्टम रेलवे का मानना है कि इस नई डिजिटल व्यवस्था से ईमानदार यात्रियों को राहत टिकट माफिया पर लगाम और लोकल ट्रेनों में पारदर्शिता
आएगी। सेंट्रल रेलवे का संदेश साफ है—अब लोकल ट्रेन में सिर्फ असली टिकट चलेगा, फर्जीवाड़े की कोई जगह नहीं।



