जो इंडिया / मुंबई: (BJP ticket distribution controversy)
मुंबई की सियासत में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लिए मुश्किलें लगातार बढ़ती नजर आ रही हैं। पार्टी द्वारा “वंशवाद के खिलाफ” कड़ा रुख अपनाने और विधायकों-सांसदों के रिश्तेदारों को टिकट न देने की घोषणा के बावजूद विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर के परिवार को ही तीन टिकट दिए जाने से पार्टी के भीतर असंतोष फूट पड़ा है। नार्वेकर परिवार से भाई मकरंद नार्वेकर, भाभी हर्षिता नार्वेकर और चचेरी बहन गौरवी शिवलकर-नार्वेकर को टिकट मिलने के बाद भाजपा के कई वरिष्ठ पदाधिकारियों और जमीनी कार्यकर्ताओं ने खुलकर बगावत कर दी है।
सिर्फ यही नहीं, पूर्व विधान परिषद नेता प्रवीण दरेकर के भाई और मुंबई भाजपा अध्यक्ष के साले को भी चुनाव मैदान में उतारे जाने से पार्टी के भीतर “दोहरा मापदंड” अपनाने के आरोप लगने लगे हैं। इसका सीधा असर मुंबई के कई वार्डों में देखने को मिल रहा है, जहां भाजपा को अपनों की ही चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।
वार्ड 225 से विद्रोह की शुरुआत
वार्ड क्रमांक 225 से भाजपा ने हर्षिता नार्वेकर को उम्मीदवार बनाया है, लेकिन उनके ही खिलाफ मुंबई भाजपा के उपाध्यक्ष कमलाकर दलवी ने बगावत का बिगुल फूंक दिया है। इसी वार्ड से पूर्व नगरसेविका सुजाता सानप भी मैदान में हैं। दलवी की बगावत से हर्षिता नार्वेकर के मतों में विभाजन की आशंका जताई जा रही है, जिससे भाजपा की स्थिति कमजोर हो सकती है।
कई प्रभागों में असंतोष की लहर
मुंबई के अलग-अलग इलाकों में भाजपा को बड़े पैमाने पर विरोध का सामना करना पड़ रहा है।
प्रभाग क्रमांक 7 में शिवसेना के भूपेंद्र काशिनाथ कवली ने बगावत का रास्ता चुना है। वहीं प्रभाग क्रमांक 185 में भाजपा नेता रमाकांत गुप्ता ने पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार के खिलाफ अपनी बेटी का पर्चा भरवाकर पार्टी नेतृत्व को सीधी चुनौती दे दी है।
गोरेगांव और आसपास के इलाकों में खुला विद्रोह
गोरेगांव क्षेत्र में भाजपा के एक महामंत्री ने टिकट न मिलने से नाराज होकर पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। प्रभाग क्रमांक 54 से भाजपा महामंत्री संदीप जाधव इच्छुक उम्मीदवार थे, लेकिन टिकट किसी और को मिलने पर उन्होंने न सिर्फ पद छोड़ा बल्कि निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन भी दाखिल कर दिया।
इसी तरह वार्ड क्रमांक 60 से भाजपा की पूर्व प्रदेश सचिव दिव्या ढोले ने भी सैकड़ों समर्थकों के साथ बगावत करते हुए नामांकन दाखिल किया। उनका कहना है कि “जनता की पुकार पर हमने मैदान में उतरने का फैसला किया है।”
चेंबूर में ‘बाहरी उम्मीदवार’ बना विवाद की वजह
चेंबूर में भाजपा द्वारा हाल ही में पार्टी में शामिल हुए उम्मीदवार को टिकट दिए जाने से पुराने कार्यकर्ता नाराज हो गए हैं। वार्ड क्रमांक 155 से भाजपा के तीन इच्छुक उम्मीदवारों ने बगावत कर दी है। यहां से श्रीकांत शेटे को भाजपा का उम्मीदवार बनाया गया है, जो हाल ही में शिवसेना से भाजपा में आए हैं। इससे स्थानीय कार्यकर्ताओं में असंतोष गहरा गया है।
अपक्ष उम्मीदवारों की बाढ़
भाजपा से टिकट के दावेदार रहे कई पूर्व नगरसेवकों और पदाधिकारियों ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल किया है।
पूर्व नगरसेवक जयश्री खरात, हर्षा साल्वे और शशिकला कांबले ने खुलकर पार्टी के खिलाफ चुनाव लड़ने का फैसला किया है।
घाटकोपर के वार्ड क्रमांक 29 में भी भाजपा में भारी नाराजगी देखने को मिली है। शिवसेना से आईं पूर्व नगरसेविका अश्विनी मते को टिकट दिए जाने से असंतुष्ट होकर भाजपा के पूर्व नगरसेवक सूर्यकांत गवली के भाई की पत्नी सुरेखा गवली और भाजपा पदाधिकारी प्रकाश पाटील की पत्नी मालती पाटील ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल किया है।
भाजपा के लिए बढ़ती चुनौती
मुंबई में एक के बाद एक सामने आ रही बगावतों ने भाजपा नेतृत्व की चिंता बढ़ा दी है। जिन कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के कंधों पर संगठन खड़ा था, वही अब चुनावी मैदान में पार्टी के अधिकृत उम्मीदवारों के सामने चुनौती बनते नजर आ रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि समय रहते असंतोष को नहीं संभाला गया, तो इसका सीधा नुकसान भाजपा को चुनावी नतीजों में भुगतना पड़ सकता है।
BJP ticket distribution controversy: नार्वेकर परिवार को तीन टिकट, भाजपा में बगावत की आग तेज मुंबई में कई वार्डों में खुला विद्रोह, पदाधिकारियों और पुराने कार्यकर्ताओं ने थामा निर्दलीय रास्ता

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