पूरे महाराष्ट्र में सियासी माहौल गरमा चुका है। आगामी महानगरपालिका चुनावों को लेकर शिवसेना (यूबीटी) ने पूरी ताकत झोंक दी है। इसी क्रम में शिवसेना (यूबीटी) विधायक आदित्य ठाकरे (Aaditya Thackeray)
आदित्य ठाकरे ने राज्य की 29 महानगरपालिकाओं के चुनावों को निर्णायक लड़ाई बताते हुए कहा कि कितने वार्ड जीते जाएंगे, यह किसी गठबंधन या राजनीतिक समीकरण पर नहीं, बल्कि हर कार्यकर्ता की मेहनत, संपर्क और समर्पण पर निर्भर करेगा। उन्होंने कहा, “चार वर्षों से जिस मौके का इंतज़ार हम कर रहे थे, वह समय अब आ चुका है।”
वरली में प्रस्तुत किए गए विकास कार्यों के प्रेज़ेंटेशन को जन-जन तक पहुँचाने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि शिवसेना (UBT) (Shiv Sena (UBT) द्वारा किए गए ठोस और ज़मीनी कामों को सीधे जनता के सामने रखना बेहद ज़रूरी है। आदित्य ठाकरे ने आरोप लगाया कि डिजिटल माध्यमों के ज़रिये बड़े पैमाने पर झूठी और भ्रामक जानकारी फैलाई जा रही है, और शिंदे गुट व भाजपा जानबूझकर जनता को गुमराह कर रहे हैं।
मुंबई में उठाए जा रहे रोहिंग्या मुद्दे पर सवाल खड़े करते हुए उन्होंने कहा कि असली सवाल यह है कि केंद्र सरकार ने अब तक क्या ठोस कदम उठाए हैं? उन्होंने कहा, “वे कहते हैं कि हमने काम किया है, लेकिन हमें अपने विकास कार्यों को आंकड़ों, सच्चाई और सबूतों के साथ जनता के सामने मजबूती से रखना होगा।”
कार्यकर्ताओं को ज़मीनी स्तर पर सक्रिय रहने का मंत्र देते हुए आदित्य ठाकरे ने कहा कि यदि सुबह और शाम तीन-तीन घंटे जनता के बीच बिताए जाएँ, तो जनता का भरपूर समर्थन और आशीर्वाद निश्चित रूप से मिलेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ‘वोट चोरी’ केवल एक नारा नहीं, बल्कि एक गंभीर मुद्दा है, जिसकी सच्चाई लोगों तक पहुँचाना हर शिवसैनिक की ज़िम्मेदारी है।
गिरगाव मंगलवाडी येथील साहित्य संघ मंदिरमध्ये झालेल्या निष्ठावंत सैनिकांच्या मेळाव्यास उपस्थित राहून पदाधिकाऱ्यांशी संवाद साधला.
ह्यावेळी मुंबईवर भगवा फडकवण्याचा निर्धार व्यक्त करीत शिवसेना-उद्धव बाळासाहेब ठाकरे पक्षाने केलेले काम घरोघरी पोहचवण्याचे, आवाहन केले. pic.twitter.com/DGHrvXAQ2j
— Aaditya Thackeray (@AUThackeray) December 21, 2025
आदित्य ठाकरे ने दो टूक शब्दों में कहा कि उद्धव ठाकरे जिन उम्मीदवारों को मैदान में उतारेंगे, उन्हें जिताना हर शिवसैनिक की सामूहिक ज़िम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि मशाल सिर्फ चुनाव चिन्ह नहीं, बल्कि संघर्ष, आत्मसम्मान और सच्ची शिवसेना की पहचान है।
अपने भाषण के आखिर में निर्णायक लहजे में उन्होंने कहा, “कुछ भी हो जाए, चाहे कितनी भी ताकत लगा दी जाए—मुंबई महानगरपालिका इस बार शिवसेना ही जीतेगी।”



