जो इंडिया / मुंबई: (Chandrashekhar Bawankule controversy)
महाराष्ट्र में प्रशासनिक व्यवस्था एक बड़े संकट की ओर बढ़ती नजर आ रही है। पहली बार राज्य का संपूर्ण राजस्व विभाग एक साथ काम बंद आंदोलन पर उतरने जा रहा है। राजस्व मंत्री की कार्यशैली और एकतरफा निर्णयों से आहत अधिकारी और कर्मचारी अब आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। शुक्रवार से शुरू हो रहे इस अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार आंदोलन से राज्यभर में सरकारी कामकाज बुरी तरह प्रभावित होने की आशंका है।
राजस्व विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों का आरोप है कि विभागीय प्रक्रियाओं को नजरअंदाज कर बिना जांच और सुनवाई के निलंबन जैसी कठोर कार्रवाइयों की घोषणाएं की जा रही हैं। इससे कर्मचारियों में भय, असंतोष और मानसिक तनाव लगातार बढ़ रहा है। उनका कहना है कि विधानमंडल जैसे गरिमामय मंच से अधिकारियों को सार्वजनिक रूप से दोषी ठहराना न सिर्फ प्रशासनिक मर्यादाओं के खिलाफ है, बल्कि इससे विभाग की छवि भी धूमिल हो रही है।
इस आंदोलन की चिंगारी सबसे पहले पुणे संभाग से भड़की थी, जहां राजस्व एवं मंडल अधिकारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की। इसके बाद यह असंतोष तेजी से अन्य जिलों में फैल गया। अब तहसीलदार, नायब तहसीलदार और उपजिलाधिकारी संवर्ग के वर्ग–एक अधिकारी भी आंदोलन में शामिल हो चुके हैं। कर्मचारी संगठनों का दावा है कि राज्य के लगभग सभी जिलों से आंदोलन को समर्थन मिल चुका है।
नासिक जिला राजस्व अधिकारी एवं कर्मचारी समन्वय महासंघ सहित विभिन्न संगठनों ने जिला प्रशासन को औपचारिक नोटिस सौंपकर आंदोलन की जानकारी दी है। महासंघ ने स्पष्ट किया है कि जब तक राजस्व विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार नहीं किया जाता और मनमाने निर्णयों पर रोक नहीं लगाई जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
राजस्व विभाग राज्य शासन की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी माना जाता है। जमीन से जुड़े मामले, प्रमाणपत्रों का निर्गमन, आपदा प्रबंधन, चुनावी प्रक्रिया और सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन इसी विभाग के माध्यम से होता है। ऐसे में विभाग के पूरी तरह ठप हो जाने से आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
सूत्रों के मुताबिक, आंदोलन को देखते हुए शासन स्तर पर हलचल जरूर बढ़ी है, लेकिन अभी तक कोई ठोस पहल सामने नहीं आई है। यदि सरकार और आंदोलनकारी कर्मचारियों के बीच शीघ्र संवाद नहीं हुआ, तो यह प्रशासनिक संकट और गहराने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।



