जो इंडिया / मुंबई: (BJP vs JDU Bihar)
बिहार विधानसभा चुनाव के परिणाम आने के बाद राज्य की राजनीति में उलटफेर का माहौल लगातार गहरा रहा है। सत्ता की कुर्सी पर कौन बैठेगा—यह सवाल अब सबसे बड़ा राजनीतिक सस्पेंस बन चुका है। जेडीयू जहां हर मंच पर दावा कर रही है कि नीतीश कुमार ही मुख्यमंत्री बनेंगे, वहीं भाजपा इस मुद्दे पर अजीब-सी ख़ामोशी ओढ़े हुए है। यह चुप्पी ही संकेत है कि दिल्ली में कुछ बड़ा पक रहा है।
नीतीश के घर राजनीतिक हलचल, भाजपा की रणनीति अलग
नतीजों के बाद पटना में नीतीश कुमार के आवास पर नेताओं का आना-जाना बढ़ गया।
केंद्रीय मंत्री ललन सिंह, संजय झा, विजय चौधरी और श्याम रजक ने मुलाकात कर साफ कहा कि—
“सीएम की कुर्सी नीतीश कुमार की है… रहेगी भी!”
परंतु दूसरी ओर, भाजपा के सुर बिल्कुल अलग हैं।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने बयान देकर माहौल गरमा दिया। उन्होंने कहा—
पहले धन्यवाद कार्यक्रम होगा
इसके बाद विधायक अपने नेता का चुनाव करेंगे
अंतिम फैसला एनडीए विधायक दल करेगा
और मुख्यमंत्री कौन होगा… यह भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व तय करेगा
स्पष्ट है कि पार्टी नीतीश कुमार का नाम लेने से बच रही है। यही वजह है कि राजनीतिक हलकों में यह चर्चा तेजी से फैल रही है कि भाजपा बिहार में अपना मुख्यमंत्री लाने की तैयारी कर रही है।
धर्मेंद्र प्रधान ने भी टाला सीएम का सवाल
भाजपा के बिहार प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान से जब सीधे पूछा गया कि मुख्यमंत्री कौन बनेगा, तो उन्होंने भी नीतीश का नाम उछालने से इनकार किया।
उनके जवाब ने राजनीतिक कयासों की आग में और घी डाल दिया।
सूत्रों के अनुसार केंद्रीय नेतृत्व बिहार में नए चेहरे को आगे बढ़ाने पर विचार कर रहा है। पार्टी के अंदर यह राय बन रही है कि भाजपा सबसे बड़ी पार्टी है, इसलिए मुख्यमंत्री भी उन्हीं का होना चाहिए।
एनडीए में बढ़ती खींचतान — कौन होगा अगला ‘किंग’?
एनडीए के भीतर हालात ऐसे हैं कि दोनों दल अपने-अपने समर्थकों को संदेश देना चाहते हैं।
जेडीयू अपनी परंपरागत नेतृत्वकारी भूमिका बचाने में लगी है, जबकि भाजपा अब अपनी ताकत दिखाने के मूड में है।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि—
भाजपा अगर अपना मुख्यमंत्री देती है, तो बिहार की राजनीति का समीकरण पूरी तरह बदल जाएगा
अगर नीतीश दोबारा शपथ लेते हैं, तो भाजपा के भीतर नाराजगी की नई लहर उठ सकती है
वहीं एनडीए के विधायकों की बैठक आगामी फैसला तय करेगी
क्या भाजपा ‘ठेंगा’ दिखाएगी नीतीश को?
बिहार की राजनीति में आज सबसे बड़ा सवाल यही है।
क्या भाजपा नीतीश को किनारे कर अपनी सरकार बनाएगी?
या फिर पुराने गठबंधन को बचाते हुए नीतीश कुमार को ही आगे चलाएगी?
सबकी नज़रें अब दिल्ली से आने वाले आदेश पर टिक गई हैं।
जो भी होगा—बिहार की राजनीति में बड़ा धमाका तय है।
