जो इंडिया/मुंबई। (Prabhadevi Double-Level Bridge Construction)
मुंबई में चल रही बड़ी अवसंरचना परियोजनाओं के बीच अब प्रभादेवी डबल-लेवल ब्रिज निर्माण से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास का रास्ता साफ हो गया है। शिवड़ी-वर्ली एलिवेटेड रोड के काम के दौरान प्रभादेवी का पुराना पुल तोड़ा जा रहा है, जिससे आसपास की दो इमारतें प्रभावित हो रही हैं। इन इमारतों के ८३ निवासियों को अब नए घरों में बसाने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए म्हाडा ने दादर और नजदीकी क्षेत्रों में ११९ घरों की सूची तैयार कर एमएमआरडीए को सौंप दी है।
११० प्रतिशत दर से कीमत लेगी म्हाडा
म्हाडा ने स्पष्ट किया है कि एमएमआरडीए से इन घरों की कीमत फास्ट-ट्रैक दर के ११० प्रतिशत पर वसूली जाएगी। इसके बाद घर निवासियों को उनकी पसंद के अनुसार आवंटित किए जाएंगे। ११९ घरों में से ८३ घर प्रभावितों के पुनर्वास के लिए दिए जाएंगे, जबकि बाकी घर विकल्प के तौर पर उपलब्ध रहेंगे।
पुल निर्माण क्यों है जरूरी?
अटल सेतु को जोड़ने वाली शिवड़ी-वर्ली एलिवेटेड रोड प्रभादेवी पुल को पार करती है। मौजूदा पुल पुराना हो चुका है और उसकी जगह नया डबल-लेवल ब्रिज बनाया जाना अनिवार्य है। एमएमआरडीए ने पुल तोड़ने का काम शुरू कर दिया है और इसके चलते आसपास की इमारतें प्रभावित हुई हैं।
सरकार का फैसला और पुनर्विकास का मॉडल
राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि प्रभावित परिवारों को म्हाडा के घरों में स्थायी पुनर्वास दिया जाएगा। ये घर डेवलपर्स द्वारा पुनर्विकास परियोजनाओं के माध्यम से म्हाडा को सौंपे गए हैं। इसी नीति के तहत, एमएमआरडीए ने म्हाडा से घरों की मांग की थी।
निवासियों की पसंद के आधार पर आवंटन
अब एमएमआरडीए इन घरों को प्रभावित निवासियों को दिखाएगी और उनकी पसंद के आधार पर अंतिम आवंटन किया जाएगा। म्हाडा के मुंबई भवन मरम्मत एवं पुनर्निर्माण बोर्ड ने कहा कि घरों की सूची तैयार कर एमएमआरडीए को सौंप दी गई है और प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है।
प्रशासन की तैयारी
एमएमआरडीए के वरिष्ठ अधिकारियों ने पुष्टि की है कि उन्हें सूची प्राप्त हो गई है और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। उनका कहना है कि निवासियों को आसपास ही पुनर्वास देने से परियोजना पर भी गति आएगी और लोगों की परेशानी भी कम होगी।
प्रभादेवी ब्रिज पुनर्निर्माण का यह फैसला प्रभावित परिवारों के लिए राहत की सांस लेकर आया है। अब देखना यह है कि निवासियों की पसंद और प्रक्रिया कितनी जल्दी पूरी होती है।
