Joindia
मुंबईराजनीति

BJP Shiv Sena controversy: “महाझूठी सरकार पर आदित्य ठाकरे का करारा वार: कहा – भ्रष्टाचारियों की सरपरस्ती में राज्य का पतन तय, विपक्ष ने चायपान कार्यक्रम का किया बहिष्कार”

20241112251L

जो इंडिया / मुंबई: महाराष्ट्र की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। विधानमंडल के मानसून सत्र (Monsoon Session of the Legislature

Advertisement
) की पूर्व संध्या पर विपक्ष के तेवर आक्रामक हो गए हैं। शिवसेना (उद्धव बाळासाहेब ठाकरे) के नेता और युवा सेना प्रमुख आदित्य ठाकरे (leader and youth leader aditya thackeray) ने राज्य की महायुति सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए उसे “महाझूठी सरकार” करार दिया है।

मुंबई स्थित विपक्ष के नेता अंबादास दानवे के सरकारी निवास पर महाविकास अघाड़ी की बैठक के बाद आयोजित पत्रकार परिषद में आदित्य ठाकरे ने सरकार की नीतियों, कार्यप्रणाली और भ्रष्टाचार के मामलों पर खुलकर हमला बोला। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि महायुति सरकार का चायपान कार्यक्रम एक दिखावा मात्र है, जिसे विपक्ष पूरी तरह बहिष्कृत करेगा।

भ्रष्टाचारियों की सरकार, खोखले वादे
आदित्य ठाकरे ने आरोप लगाया कि यह सरकार सिर्फ आश्वासन देने में माहिर है, लेकिन ज़मीनी स्तर पर काम करने में पूरी तरह नाकाम रही है। उन्होंने कहा, “यह महायुति नहीं बल्कि महाझूठी सरकार है। इस सरकार के तीन चेहरे हैं – भाजपा और दो गद्दार गुट – जिन्होंने महाराष्ट्र की राजनीति को कलंकित कर दिया है।”

उन्होंने दावा किया कि सरकार के भीतर घमासान मचा हुआ है, मंत्री आपस में ही एक-दूसरे पर फंड चोरी के आरोप लगा रहे हैं। कई मंत्री खुले मंच पर अपनी नाराज़गी ज़ाहिर कर रहे हैं, जिससे यह साबित होता है कि सरकार में समन्वय की भारी कमी है।

दादा भुसे पर गंभीर आरोप
आदित्य ठाकरे ने शिक्षा विभाग से जुड़ी एक बड़ी गड़बड़ी का भी खुलासा किया। उन्होंने कहा कि 11वीं कक्षा में प्रवेश के लिए जो पहली मेरिट लिस्ट जारी की गई है, उसमें कॉलेजों के आवंटन में बड़ा घोटाला हुआ है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इस घोटाले के पीछे दादा भुसे हैं? उन्होंने याद दिलाया कि यही मंत्री पहले छात्रों पर हिंदी थोपने की कोशिश कर चुके हैं।

चायपान पर नहीं जाएंगे विपक्षी नेता
उन्होंने कहा कि विपक्ष इस बार सरकार के चायपान कार्यक्रम का बहिष्कार करेगा। “हम ऐसे लोगों के साथ चाय नहीं पी सकते जिन्होंने जनता के साथ धोखा किया है। यह नैतिक रूप से भी गलत होगा,” उन्होंने कहा।

मानसून सत्र में हंगामे के आसार
इस बयानबाजी से यह स्पष्ट हो गया है कि महाराष्ट्र विधानमंडल का मानसून सत्र विवादों और विरोध प्रदर्शनों से भरा रहेगा। विपक्ष ने सरकार को सभी मोर्चों पर घेरने की रणनीति बना ली है।

Related posts

Side effects of alcohol: युवाओं में बढ़ता मदिरापान: अग्नाशय विकारों का बढ़ता खतरा

Deepak dubey

Don Bosco church: मुंबई के माटुंगा के डॉन बॉस्को चर्च में क्रिसमस पर विशेष प्रार्थना सभा आयोजित।

Deepak dubey

Raj Thackeray Naveen Jindal controversy: “मुंबई में हिंदी बनाम मराठी विवाद गरमाया: भाजपा प्रवक्ता नवीन जिंदल बोले- राज ठाकरे जैसे गुंडों पर देशद्रोह का केस हो, भेजो जेल”

Deepak dubey

Leave a Comment