By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Joindia.co.in: Hindi News, ब्रेकिंग न्यूज़, हिंदी समाचारJoindia.co.in: Hindi News, ब्रेकिंग न्यूज़, हिंदी समाचारJoindia.co.in: Hindi News, ब्रेकिंग न्यूज़, हिंदी समाचार
Notification Show More
Font ResizerAa
  • सिटी
    • मुंबई
    • नवीमुंबई
    • ठाणे
    • मीरा भायंदर
    • कल्याण
    • पालघर
    • दिल्ली
    • बंगलुरू
    • कोलकत्ता
  • राजनीति
  • क्राइम
  • देश-दुनिया
  • रोचक
  • खेल
    • फिल्मी दुनिया
  • हेल्थ शिक्षा
  • वेब स्टोरी
    • काव्य-कथा
      • आध्यात्म
Reading: Children are getting depressed due to low marks: मार्क कम आने से परेशान हैं बच्चे, डिप्रेशन में जाने से बचा सकते हैं माता-पिता, दूसरों से अपने बच्चों की न करें तुलना, बच्चों के व्यवहार पर दें ध्यान
Share
Font ResizerAa
Joindia.co.in: Hindi News, ब्रेकिंग न्यूज़, हिंदी समाचारJoindia.co.in: Hindi News, ब्रेकिंग न्यूज़, हिंदी समाचार
  • सिटी
  • राजनीति
  • क्राइम
  • देश-दुनिया
  • रोचक
  • खेल
  • हेल्थ शिक्षा
  • वेब स्टोरी
Search
  • सिटी
    • मुंबई
    • नवीमुंबई
    • ठाणे
    • मीरा भायंदर
    • कल्याण
    • पालघर
    • दिल्ली
    • बंगलुरू
    • कोलकत्ता
  • राजनीति
  • क्राइम
  • देश-दुनिया
  • रोचक
  • खेल
    • फिल्मी दुनिया
  • हेल्थ शिक्षा
  • वेब स्टोरी
    • काव्य-कथा
Have an existing account? Sign In
Follow US

Home » Children are getting depressed due to low marks: मार्क कम आने से परेशान हैं बच्चे, डिप्रेशन में जाने से बचा सकते हैं माता-पिता, दूसरों से अपने बच्चों की न करें तुलना, बच्चों के व्यवहार पर दें ध्यान

कल्याणठाणेमुंबईशिक्षा

Children are getting depressed due to low marks: मार्क कम आने से परेशान हैं बच्चे, डिप्रेशन में जाने से बचा सकते हैं माता-पिता, दूसरों से अपने बच्चों की न करें तुलना, बच्चों के व्यवहार पर दें ध्यान

Deepak dubey
Last updated: May 23, 2024 12:24 pm
Deepak dubey
Published: May 23, 2024
Share
AP student suicide
SHARE

मुंबई। 12वीं बोर्ड का रिजल्ट घोषित हो चुका है। इसके साथ ही राज्य के कई नेट सेंटरों पर बच्चों के साथ-साथ अभिभावकों की भी भीड़ उमड़ पड़ी। बच्चों के शैक्षणिक वर्ष में 10वीं और 12वीं बोर्ड के नतीजे महत्वपूर्ण होते हैं। इसीलिए पूरे साल पढ़ाई करने के बाद भी परीक्षा में संतोषजनक मार्क नहीं मिलने पर बच्चे परेशान दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में बच्चों को कई माता-पिता उनसे नाराज होकर उन्हें उलाहना देने लगते हैं। चिकित्सकों के मुताबिक लेकिन असल में यही वह पल होता है, जब बच्चों से प्यार से बात करने की ज्यादा जरूरत होती है, क्योंकि अंक कम मिलने से बच्चे अतिवादी कदम उठा सकते हैं। इसके साथ ही कुछ बच्चे डिप्रेशन के शिकार हो सकते हैं। इसलिए माता-पिता ही अपने बच्चों को डिप्रेशन में जाने से बचा सकते हैं। इसके लिए बच्चों के व्यवहार पर विशेष ध्यान देनी चाहिए।

Advertisement

उल्लेखनीय है कि मार्क कम आने पर माता-पिता नाराज होंगे, रिश्तेदार क्या कहेंगे, मां की मार्क्स की उम्मीद हम पूरी नहीं कर पाए, इस तरह के कई ख्याल बच्चों के मन में आते हैं। साथ ही वे सोचते हैं कि अगर दोस्तों को अच्छे अंक मिलेंगे तो कॉलोनी, बिल्डिंग के अन्य लोग चर्चा करेंगे। लेकिन इस तरह के दिमाग पर प्रतिकुल प्रभाव डालनेवाले ख्यालों से बचाने के लिए माता-पिता को ही अपने बच्चों को समझाना होगा कि वे इसकी परवाह न करें कि लोग क्या कहते हैं। साथ ही बच्चों को बताएं कि हम अंकों से संतुष्ट हैं। इससे उनके दिमाग पर दबाव थोड़ा कम हो जाएगा। ठाणे मेंटल अस्पताल के चिकित्सा अधिक्षक डॉ. नेताजी मुलिक ने कहा कि अंक कम मिलने पर बच्चों भय पैदा हो जाता है, क्योंकि आगे की पढ़ाई के लिए अपेक्षित अंक नहीं मिलेंगे। इसलिए जब बच्चे तनावग्रस्त हों तो उनसे प्यार से बात करें। आपके प्यार के दो शब्द भी बच्चों को डिप्रेशन से बाहर निकाल सकते हैं।

दूसरे बच्चों से न करें तुलना

बच्चों के समूह में अन्य बच्चों को कितने अंक मिले, उसे इतने अंक कैसे मिले और आपको अंक कम कैसे मिले, इस पर बच्चों से चर्चा न करें। इससे बच्चों को लगेगा कि आप उनकी तुलना दूसरे बच्चों से कर रहे हैं। जिसका असर उनके दिमाग पर पड़ेगा।

इन चीजों के बारे में न करें बात

चिकित्सकों के मुताबिक भले ही आपके बच्चे के नतीजे आपकी या आपके बच्चे की उम्मीदों पर खरे नहीं उतरते हों, लेकिन आप उन्हें उपदेश देते न बैंठे। अधिक मेहनत करनी चाहिए थी, नहीं की। यदि अधिक अध्ययन किया होता, तो… इस तरह की बातों का समय बीत चुका है। इसलिए बच्चों को यह बताना बंद करें कि उन्हें क्या करना चाहिए।

बच्चों के साथ रहें

रिजल्ट आने के बाद अभिभावकों को अपने बच्चों पर नजर रखनी चाहिए। तनाव दूर करने के लिए वे बच्चे के साथ गेम या फिल्में भी देख सकते हैं। परिणाम घोषित होने के बाद बच्चे के व्यवहार में आए बदलाव पर भी ध्यान दें। माता-पिता की उपेक्षा का बच्चों पर बुरा असर पड़ता है और वे गलत कदम उठा सकते हैं। इसलिए जहां तकहो सके बच्चे के लिए इन अंकों की ओर से ध्यान भटकाने की कोशिश करें।

…तो मनोचिकित्सक से मिलें

चिकित्सकों के मुताबिक यदि आपने सब कुछ करने की कोशिश की है, लेकिन आपका बच्चा अभी भी महसूस करता है कि वह मेलजोल नहीं कर सकता है। इसके साथ ही वह जिन चीजों का आनंद लेता था वो अब नहीं हैं। वह दोस्तों से भी दूर हो जाता है। इसलिए इसे गंभीरता से लें। ये डिप्रेशन के लक्षण हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में जल्द ही किसी मनोचिकित्सक से मिलें।

Turbhe Flyover: फ्लाईओवर के काम में देरी?, वर्क ऑर्डर की अवधि समाप्त होने के करीब है, काम अभी तक नहीं हुआ शुरू
Geo-tagging of schools: राज्य के स्कूल और आंगनवाड़ी होंगे हाईटेक – जियो टैगिंग से शिक्षा को मिलेगी नई दिशा
Murder on the track: जीआरपी हेड कांस्टेबल की गला दबाकर ट्रैक पर हत्या, दो अज्ञात आरोपी की तलाश
Alia Bhatt secretary fraud case: आलिया भट्ट को सेक्रेटरी ने लगाया 77 लाख का चूना, बेंगलुरु से हुई गिरफ्तारी — बॉलीवुड में एक और धोखाधड़ी का बड़ा मामला उजागर
मुफ्त स्कूल यूनिफॉर्म योजना में सरकार का घपला, कपड़ा खरीद में गुजरात-राजस्थान के व्यापारियों को फायदा पहुंचाने की साजिश
TAGGED:Maharashtra newsmumbai newsMumbai school
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

You must be logged in to post a comment.

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow

Weekly Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!
Popular News
20250108053126 New ISRO Chief Dr V Narayanan
देश-दुनियामुंबई

ISRO chairman पद संभालेंगे वी. नारायणन, एस. सोमनाथन होंगे रिटायर,

Deepak dubey
Deepak dubey
January 8, 2025
डॉक्टरों की सामने आई बड़ी लापरवाही, किशोर के पैर की बजाय, प्राइवेट पार्ट की कर दी सर्जरी
Corona became uncontrollable: कंट्रोल से बाहर हो रहा कोरोना, 24 घंटों में 10 की हुई मौत, तीन हजार से अधिक मिले मरीज, 1.19 फीसदी पहुंचा मृत्यु दर
मध्य रेल, आरपीएफ टीम ने 2 घंटे में पकड़ा फर्जी बम संदेश भेजने वाला आरोपी
590 tenants waiting for Chinese builder, reached China after building a 20-storey building:590 टेनेंट को चाइनीज बिल्डर का इंतजार, 20 मंजिला इमारत बनाकर भाग गया पहुंचा चीन
- Advertisement -
Ad imageAd image
Global Coronavirus Cases

Confirmed

0

Death

0

More Information:Covid-19 Statistics

Categories

  • सिटी
  • राजनीति
  • क्राइम
  • देश-दुनिया
  • फिल्मी दुनिया
  • खेल
  • वेब स्टोरी

ब्रेकिंग न्यूज़, हिंदी समाचार - Joindia News

Joindia में आपका स्वागत है। यह आपका विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ पोर्टल है, जो देश-दुनिया की ताज़ा और सटीक ख़बरें आप तक पहुँचाता है। हम उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश समेत सभी प्रमुख राज्यों की लोकल हरकतों को खास अंदाज में कवर करते हैं। साथ ही, राशिफल, मनोरंजन और वायरल वीडियो से आपको हर पल जोड़े रखते हैं।

Subscribe US

Joindia की ताज़ा ख़बरें अब आपके मेल में भी! हमारे न्यूज़लेटर से जुड़ें और हर पल बने रहें अपडेट।

@2022-25 - joindia.co.in. All Right Reserved.
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?