जो इंडिया / मुंबई: (RPF seized 43 kg ganja)
ट्रेनों के माध्यम से नशीले पदार्थों की तस्करी पर लगाम कसने के लिए मध्य रेलवे की रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग अभियानों में 43 किलोग्राम गांजा बरामद किया है। जब्त किए गए गांजे की कुल अनुमानित कीमत करीब 12.82 लाख रुपये बताई जा रही है। इस कार्रवाई में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जबकि दूसरे मामले में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में लगातार बढ़ रही निगरानी और विशेष जांच अभियानों के चलते तस्करों की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। इसी कड़ी में नागपुर और कलबुरगी में यह कार्रवाई की गई।
नागपुर स्टेशन पर संदिग्ध यात्री गिरफ्तार
पहली कार्रवाई 6 फरवरी 2026 को नागपुर रेलवे स्टेशन पर की गई। आरपीएफ की टीम स्टेशन परिसर में नियमित गश्त कर रही थी। इसी दौरान एक युवक दो बैग लेकर संदिग्ध अवस्था में घूमता दिखाई दिया। उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगने पर आरपीएफ कर्मियों ने उसे रोककर पूछताछ की।
गवाहों की मौजूदगी में जब दोनों बैगों की तलाशी ली गई तो उनमें से 9 पैकेटों में पैक 24.80 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। बरामद गांजे की अनुमानित कीमत करीब 3.72 लाख रुपये बताई गई है।
पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम शाहिद खान बताया, जो मध्य प्रदेश के भिंड जिले का रहने वाला है। उसने कबूल किया कि वह यह गांजा ग्वालियर ले जाने की तैयारी में था। इसके बाद आरपीएफ ने आरोपी को हिरासत में लेकर जब्त गांजे के साथ आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी) नागपुर को सौंप दिया।
कोणार्क एक्सप्रेस में मिला लावारिस बैग
दूसरी कार्रवाई 3 फरवरी 2026 को आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त टीम ने की। गुप्त सूचना के आधार पर ट्रेन संख्या 11020 कोणार्क एक्सप्रेस की कलबुरगी रेलवे स्टेशन पर जांच की गई।
जांच के दौरान ट्रेन के बी-1 कोच की बर्थ नंबर 41 के नीचे एक लावारिस बैग मिला। बैग संदिग्ध लगने पर उसे गवाहों की मौजूदगी में खोला गया। तलाशी के दौरान बैग में से 18 बंडलों में पैक 18.20 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ।
बरामद गांजे की अनुमानित कीमत करीब 9.10 लाख रुपये आंकी गई है। जब्त सामग्री को विधिवत सील कर आगे की जांच के लिए वाडी पुलिस स्टेशन में अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
रेलवे ने बढ़ाई सतर्कता
मध्य रेल के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी डॉ. स्वप्नील निला ने बताया कि रेलवे परिसरों और ट्रेनों के माध्यम से होने वाली नशीले पदार्थों की तस्करी को रोकने के लिए आरपीएफ द्वारा लगातार विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं।
