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सीएम फडणवीस के फोन के बाद भी संतुष्ट नहीं रामदास आठवले, सीट बंटवारे पर अड़ा रिपाई

Ramdas Athawale

मुंबई नगर निगम (BMC) चुनाव को लेकर बीजेपी–शिवसेना गठबंधन और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (RPI) के बीच सीट बंटवारे का विवाद लगातार गहराता जा रहा है। बार-बार चेतावनी देने के बावजूद आरपीआई को सीट बंटवारे में लटकाए रखने पर केंद्रीय राज्य मंत्री रामदास आठवले (Ramdas Athawale)

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ने गठबंधन के खिलाफ खुलकर नाराजगी जाहिर की है। आठवले ने बीजेपी–शिवसेना गठबंधन पर सीट बंटवारे में धोखा देने का गंभीर आरोप लगाया था।

आठवले की नाराजगी सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई। हालात को संभालने के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने हस्तक्षेप करते हुए आरपीआई को बीजेपी कोटे से एक सीट देने का निर्देश दिया। हालांकि, इस फैसले के बावजूद आरपीआई की असंतुष्टि पूरी तरह खत्म होती नहीं दिख रही है।

ANI इंटरव्यू में रामदास आठवले का बड़ा खुलासा

इस पूरे घटनाक्रम के बाद अब रामदास आठवले ने समाचार एजेंसी ANI को दिए गए इंटरव्यू में सीट बंटवारे को लेकर हुई अंदरूनी बातचीत का खुलासा किया है। आठवले ने बताया कि बीजेपी नेताओं के साथ इस मुद्दे पर कई दिनों तक चर्चा चलती रही।

आठवले ने कहा, “प्रवीण दरेकर हमारे पास आए थे। उन्होंने कहा कि आपकी नाराजगी हम समझ सकते हैं। भाजपा के साथ कई दिनों तक चर्चा चलती रही। मुख्यमंत्री ने भी आज सुबह मुझे फोन किया था और प्रवीण दरेकर उनका संदेश लेकर आए थे।” उन्होंने आगे बताया कि बीजेपी की उम्मीदवारों की सूची अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है।
आठवले के मुताबिक, “उन्होंने कहा कि हमने जो 39 लोगों की सूची जारी की थी, उन सभी 39 लोगों ने नामांकन फॉर्म भर दिए हैं।”

ज्यादा सीटों की मांग पर अड़े आठवले

रामदास आठवले ने साफ तौर पर कहा कि आरपीआई केवल औपचारिक साझेदारी नहीं, बल्कि सम्मानजनक प्रतिनिधित्व चाहती है। उन्होंने बताया कि पार्टी ने बीजेपी नेतृत्व से मुख्यमंत्री के साथ बैठक आयोजित करने की मांग रखी है।

आठवले ने कहा, “हमने प्रवीण दरेकर से कहा कि कल मुख्यमंत्री के साथ एक बैठक रखी जाए और हमें कुछ सीटें दी जाएं। हमने यह भी कहा कि अगर हम उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मिलते हैं और अगर उनके कोटे से कुछ सीटें मिल सकती हैं, तो उस पर भी विचार किया जा सकता है।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आरपीआई की मांग किसी भी तरह से अतार्किक नहीं है। “अगर हमें 6–7 सीटें भी मिल जातीं, तो कोई दिक्कत नहीं होती,” आठवले ने कहा। ‘जो सीटें दी गईं, वे हमने मांगी भी नहीं थीं’

आठवले ने गठबंधन द्वारा दी गई सीटों को लेकर भी कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने कहा कि जिन सीटों की पेशकश की गई, वे आरपीआई की प्राथमिकता में शामिल ही नहीं थीं।

उन्होंने कहा, “जो सीटें हमें दी गईं, वे ऐसी थीं जिन्हें हमने मांगा भी नहीं था। इसीलिए आज हमारी बातचीत हुई। अब मुख्यमंत्री से बात करने के बाद हम तय करेंगे कि आगे क्या करना है।”

गठबंधन के भविष्य पर उठे सवाल

रामदास आठवले के इस बयान के बाद मुंबई नगर निगम चुनाव में बीजेपी–शिवसेना–आरपीआई गठबंधन के भविष्य पर सवाल खड़े हो गए हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि जल्द ही सीट बंटवारे को लेकर सहमति नहीं बनती, तो इसका सीधा असर चुनावी रणनीति और समीकरणों पर पड़ सकता है।

फिलहाल, सभी की नजरें मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ होने वाली आगामी बैठक पर टिकी हैं। यह देखना अहम होगा कि उस बैठक के बाद आरपीआई क्या रुख अपनाती है और क्या गठबंधन के भीतर चल रहा असंतोष खत्म हो पाता है या नहीं।

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