जो इंडिया / मुंबई / बारामती।
महाराष्ट्र के डिप्टी मुख्यमंत्री अजीत पवार (Maharashtra Deputy Chief Minister Ajit Pawar)

‘हादसा नहीं, साजिश हो सकती है’ — नीतिन सातपुते का दावा
हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता नीतिन सातपुते ने इस मामले में प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह दुर्घटना उन्हें सामान्य तकनीकी खराबी से कहीं ज्यादा संदिग्ध प्रतीत होती है।
उनका कहना है कि यह जांच का विषय है कि क्या विमान को जानबूझकर डिफेक्टिव हालत में उड़ान की अनुमति दी गई थी,
या फिर किसी स्तर पर लापरवाही अथवा साजिश हुई।
उन्होंने यह भी कहा कि महाराष्ट्र में बीते कुछ समय से चल रही राजनीतिक उठापटक और सत्ता संघर्ष के बीच इस तरह की घटना को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
‘उलटफेर की राजनीति का नतीजा भी हो सकता है’
नीतिन सातपुते के अनुसार, “महाराष्ट्र की राजनीति जिस तरह से गंदी दिशा में जा रही है, उसमें किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। यह हादसा राजनीतिक साजिश का परिणाम भी हो सकता है।”
हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आना चाहिए, लेकिन मौजूदा परिस्थितियां कई सवाल खड़े करती हैं।
‘शिंदे भी रहें सतर्क’ — बयान से बढ़ी सियासी हलचल
इस बयान ने तब और ज्यादा हलचल मचा दी जब नीतिन सातपुते ने कहा कि
“अगर यह साजिश है, तो आने वाले समय में अन्य बड़े नेता भी इसका शिकार हो सकते हैं। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को भी पूरी सतर्कता बरतनी चाहिए।”
इस टिप्पणी के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। विपक्ष इस पूरे मामले की स्वतंत्र और उच्चस्तरीय जांच की मांग कर रहा है।
जांच एजेंसियां सक्रिय, रिपोर्ट का इंतजार
सूत्रों के अनुसार, विमान हादसे को लेकर विमान की मेंटेनेंस हिस्ट्री,फ्लाइट क्लियरेंस और तकनीकी लॉग्स की गहन जांच की जा रही है।
हालांकि सरकार या डीजीसीए की ओर से अभी तक साजिश को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
राजनीतिक बयानबाज़ी तेज, सच जांच के बाद ही
फिलहाल यह साफ है कि अजीत पवार की मौत केवल एक हादसा भर नहीं रह गई है, बल्कि यह राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और संदेह के केंद्र में आ गई है।
सच क्या है—तकनीकी खराबी या साजिश, इसका खुलासा जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा।
