जो इंडिया / मुंबई: (Western railway)
मुंबई और उपनगरों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण वसई-विरार रेलखंड में दो दिनों तक रेल सेवाएं बुरी तरह प्रभावित रहीं। इस दौरान लाखों यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। ट्रैक पर जलभराव के चलते कई लोकल ट्रेनें रद्द करनी पड़ीं, जबकि अनेक ट्रेनें घंटों देरी से चलीं। हालात ऐसे बने कि कई यात्रियों को रेलवे ट्रैक पर पैदल चलकर स्टेशन तक पहुंचना पड़ा। इस घटना ने पश्चिम रेलवे की मानसून तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
लगातार दो दिन तक रेल संचालन प्रभावित रहने और यात्रियों के भारी विरोध के बाद पश्चिम रेलवे ने अब स्थायी समाधान की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक रामाश्रय पांडेय ने मंगलवार को बोरीवली, नालासोपारा और विरार रेलखंड का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों के साथ जलभराव वाले स्थानों का जायजा लिया और स्पष्ट निर्देश दिए कि भविष्य में बारिश के दौरान रेल सेवाएं बाधित न हों, इसके लिए दीर्घकालिक योजना पर तत्काल अमल किया जाए।
निरीक्षण के दौरान महाप्रबंधक ने ट्रैक पर जलभराव की मुख्य वजह कमजोर जल निकासी व्यवस्था को बताया। उन्होंने ड्रेनेज सिस्टम को आधुनिक बनाने, नालों की नियमित सफाई, गाद और कचरा हटाने तथा जल निकासी के रास्तों को पूरी तरह खुला रखने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर हर वर्ष पानी भरता है, वहां रेलवे ट्रैक का स्तर ऊंचा किया जाए ताकि भारी बारिश के दौरान भी रेल परिचालन प्रभावित न हो।
महाप्रबंधक ने वसई-विरार सेक्शन का तकनीकी सर्वे कर दो मौजूदा रेल लाइनों को ऊंचा करने की प्रक्रिया जल्द शुरू करने का निर्देश दिया। इसके अलावा मुंबई रेल विकास निगम (एमआरवीसी) द्वारा बनाई जा रही पांचवीं और छठी रेल लाइन के निर्माण में भी ट्रैक की ऊंचाई का विशेष ध्यान रखने को कहा गया, जिससे भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो।
उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि रेलवे के आसपास चल रहे निर्माण कार्य प्राकृतिक जल निकासी में बाधा न बनें। जहां ड्रेनेज की सफाई या रखरखाव का कार्य लंबित है, वहां संबंधित नगर निगमों के साथ समन्वय स्थापित कर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
दौरे के दौरान बोरीवली-विरार सेक्शन और चर्चगेट स्टेशन पर यात्रियों को मिलने वाली सुविधाओं की भी समीक्षा की गई। महाप्रबंधक ने स्टेशन परिसर की साफ-सफाई, झाड़ियों की कटाई, कचरा हटाने, डिस्प्ले बोर्ड, उद्घोषणा प्रणाली और ट्रेन सूचना प्रणाली को बेहतर बनाने के निर्देश दिए, ताकि आपात स्थिति में यात्रियों को समय पर और सही जानकारी मिल सके।
रेलवे प्रशासन का कहना है कि मानसून के दौरान यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए इंजीनियरिंग और ऑपरेशन विभाग को संयुक्त रूप से कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों का दावा है कि आने वाले समय में जलभराव की समस्या को स्थायी रूप से खत्म करने के लिए युद्धस्तर पर काम किया जाएगा।
Western railway: मानसून की मार से सबक! वसई-विरार रेलखंड को बाढ़ मुक्त बनाने के लिए पश्चिम रेलवे का बड़ा एक्शन

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