जो इंडिया / मुंबई: (Metro 3 infrastructure failure)
मुंबई में मेट्रो परियोजना के तहत एक बार फिर बड़ी लापरवाही सामने आई है। दक्षिण मुंबई के सीएसएमटी मेट्रो सिनेमा क्षेत्र में बोरवेल खुदाई के दौरान मेट्रो-3 की भूमिगत सुरंग को नुकसान पहुंचने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस मामले में संबंधित ठेकेदार कंपनी के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी गई है।
बिना अनुमति की गई खुदाई बनी खतरे की वजह
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, चांदमा वाटर सप्लाई प्राइवेट लिमिटेड के मालिक रामबाबू राय के खिलाफ आजाद मैदान पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि कंपनी ने मेट्रो लाइन के पास बोरवेल खोदने से पहले आवश्यक अनुमति नहीं ली थी। नियमों के अनुसार, मेट्रो लाइन के दोनों ओर 50 मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार की खुदाई या निर्माण कार्य से पहले संबंधित प्राधिकरण से अनुमति लेना अनिवार्य होता है।
जांच में यह भी सामने आया है कि कंपनी ने न केवल मुंबई मेट्रो रेल निगम (MMRC) बल्कि बीएमसी से भी कोई अनुमति नहीं ली थी, जो इस पूरे मामले को और गंभीर बनाता है।
खुदाई के दौरान सुरंग में दिखा छेद
घटना 5 मार्च को उस समय सामने आई जब मेट्रो सिनेमा क्षेत्र में बोरवेल की खुदाई चल रही थी। खुदाई के दौरान अचानक मेट्रो-3 की भूमिगत सुरंग के बाईं ओर एक छोटा छेद दिखाई दिया। इस खतरनाक स्थिति को देखते हुए तत्काल मेट्रो अधिकारियों को सूचित किया गया।
मुंबई मेट्रो रेल निगम (MMRC) के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और प्रारंभिक जांच में सुरंग को नुकसान की पुष्टि हुई।
देरी से दर्ज हुआ मामला, उठे सवाल
हालांकि घटना 5 मार्च को हुई थी, लेकिन इस मामले में पुलिस में शिकायत 13 मार्च को दर्ज की गई। इस देरी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं कि इतनी गंभीर घटना के बावजूद कार्रवाई में देरी क्यों हुई।
सुरक्षा मानकों पर फिर उठे सवाल
इस घटना ने मेट्रो-3 परियोजना की सुरक्षा और निगरानी प्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर समय रहते इस छेद का पता नहीं चलता, तो यह बड़ा हादसा बन सकता था।
जांच जारी, दोषियों पर कार्रवाई की तैयारी
फिलहाल पुलिस और संबंधित एजेंसियां मामले की गहन जांच कर रही हैं। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। साथ ही, भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी और नियमों को और सख्त करने की आवश्यकता पर जोर दिया जा रहा है।



