जो इंडिया/मुंबई: लातूर (Latur) की सियासत में शनिवार रात जबरदस्त उबाल देखने को मिला, जब वंचित बहुजन अघाड़ी (Vanchit Bahujan Aghadi) के युवा नेता सुजात अंबेडकर
उन्होंने कड़े शब्दों में कहा, “लोगों से वोट देने का अधिकार छीनना, चुनाव टालना और लोकतंत्र को ठप करना—यह संविधान का सीधा अपमान है। अब वक्त आ गया है कि BJP और संविधान का अपमान करने वाले भ्रष्ट राष्ट्रवादियों को सत्ता से बाहर फेंका जाए।”
रात 8 बजे शुरू हुई इस जनसभा में लातूर शहर और आसपास के इलाकों से भारी संख्या में नागरिक जुटे। मंच से बोलते हुए सुजात अंबेडकर ने स्थापित राजनीतिक दलों पर तीखा हमला बोला और कहा कि BJP, NCP और शिवसेना जैसी पार्टियों ने अपने ही वर्कर्स को मोहरा बनाकर इस्तेमाल किया है।
उन्होंने कहा, “इन पार्टियों में टिकट सिर्फ अमीरों, मटका-सट्टा चलाने वालों और खानदानी लोगों को मिलता है। ज़मीनी वर्कर्स के साथ सिर्फ धोखा होता है। अब इन पार्टियों के कार्यकर्ताओं को अपनी आंखें खोलनी चाहिए।”
सुजात अंबेडकर ने दावा किया कि वंचित बहुजन अघाड़ी ही एकमात्र ऐसी पार्टी है जो ज़मीनी स्तर के ईमानदार और संघर्षशील वर्कर्स को उम्मीदवार बनाकर सत्ता में लाने का काम करती है।
लातूर के विकास का ब्लूप्रिंट पेश
सभा के दौरान सुजात अंबेडकर ने लातूर शहर की बदहाल शहरी व्यवस्थाओं की ओर इशारा करते हुए वंचित बहुजन अघाड़ी का स्पष्ट विकास विज़न भी रखा। उन्होंने कहा कि अगर वंचित सत्ता में आती है तो:
जर्जर हालत में पड़े म्युनिसिपल स्कूलों को सुधारा जाएगा और प्राइवेट स्कूलों की तरह मुफ्त, वर्ल्ड-क्लास शिक्षा दी जाएगी।
हर वार्ड में अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस प्राइमरी हेल्थ सेंटर शुरू किए जाएंगे।
बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं के लिए सुरक्षित और आधुनिक टॉयलेट बनाए जाएंगे।
बंद पड़ी MIDC को दोबारा चालू कर 5,000 से ज्यादा युवाओं को रोजगार दिया जाएगा।
उन्होंने जनता से अपील करते हुए कहा, “जो लोग शिक्षा के खिलाफ काम करते हैं, उन्हें सत्ता से बाहर करना होगा। और जो शिक्षा की अहमियत समझते हैं, उन्हें अंबेडकरवादियों के हाथों सत्ता में लाना होगा।”
इस एल्गार सभा से लातूर में वंचित बहुजन अघाड़ी के कार्यकर्ताओं में जबरदस्त जोश देखने को मिला। कार्यक्रम में पार्टी के वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। सभा ने साफ संकेत दे दिया कि आने वाले नगर निगम चुनावों में लातूर की राजनीति में तीखी और निर्णायक लड़ाई देखने को मिलेगी।
