जोइंडिया टीम / नई दिल्ली: देश को झकझोर देने वाले इस घोटाले का खुलसा भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की 2025 की रिपोर्ट में हुआ है। प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PM Kaushal Vikas Yojana) में यह भारी घोटाला (PMKVY Scam)
प्रशिक्षण केंद्रों पर ताले, फर्जी हाजिरी
कैग की जांच में यह भी सामने आया कि कई राज्यों में कौशल विकास केंद्रों पर ताले लगे थे, फिर भी वहां प्रशिक्षण पूरा दिखा दिया गया। हाजिरी के लिए लगाए गए आधार-संलग्न बायोमेट्रिक मशीनें या तो बंद थीं या मौजूद ही नहीं थीं। योजना के तहत जिन युवाओं को ‘कुशल’ दिखाया गया, उनमें से अधिकांश कागजों पर ही प्रशिक्षित थे। कौशल विकास के नाम पर ‘मि. इंडिया’ को भी लाभार्थी बताया गया है!
14 हजार करोड़ खर्च, लाभार्थी ही फर्जी
प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना वर्ष 2015 में शुरू की गई थी। सरकार का दावा है कि अब तक 14 हजार 500 करोड़ रुपये वितरित किए गए और 1 करोड़ 32 लाख युवाओं को लाभ पहुंचाया गया।लेकिन संसद में पेश कैग की रिपोर्ट ने इन दावों को झूठ और फरेब करार दे दिया है।
कैग रिपोर्ट के मुख्य मुद्दे-
- 90 लाख 66 हजार 264 लाभार्थियों के बैंक खाते ही मौजूद नहीं हैं
- 3.5 लाख लाभार्थियों के बैंक अकाउंट नंबर अमान्य
- 36 प्रतिशत लाभार्थियों के ई-मेल आईडी गलत
- कई लाभार्थियों के नाम पर एक ही ई-मेल आईडी, मोबाइल नंबर गलत या निष्क्रिय
- एक ही फोटो का उपयोग कर अलग-अलग राज्यों में प्रशिक्षण दिखाया गया
- कई मामलों में एक ही बैंक अकाउंट नंबर कई लाभार्थियों को आवंटित
- 11111111, 123345, एबीसीडी जैसे हास्यास्पद अकाउंट नंबर दर्ज



