जो इंडिया / मुंबई। एचएसएनसी विश्वविद्यालय के एनएसएस यूनिट (NSS Unit of HSNC University)
कार्यक्रम का शुभारंभ विश्वविद्यालय की कुलगुरू प्रो. (डॉ.) हेमलता बागला द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। अपने प्रेरक उद्बोधन में उन्होंने एनएसएस की सेवा भावना, सामाजिक दायित्वों और अब तक की उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि किसी के जीवन में खुशियों के पल जोड़ना एक पुण्य कार्य है और इस दिशा में एनएसएस के स्वयंसेवक सराहनीय भूमिका निभा रहे हैं। कुलगुरू ने एनएसएस निदेशक प्रो. सतीश कोल्टे एवं सभी स्वयंसेवकों को बधाई देते हुए आशा व्यक्त की कि आने वाले वर्षों में ‘आनंदोत्सव’ और भी बड़े स्तर पर आयोजित किया जाएगा।

इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. तेजश्री शानभाग, उपप्राचार्य डॉ. शालिनी सिन्हा, उपप्राचार्य डॉ. राजेश सामंत, डॉ. रितिका पाटक, एनएसएस निदेशक डॉ. सतीश कोल्टे, निकिता हीवालकर, स्नेहल मार्टिन सहित कई गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम के दौरान एनएसएस के मुख्य सदस्यों एवं कार्यक्रम अधिकारियों का सम्मान कर उनके योगदान को सराहा गया।
कैंसर प्रभावित, दृष्टिबाधित और वंचित वर्ग रहे विशेष अतिथि
‘आनंदोत्सव 2025’ में कुल 150 एनएसएस स्वयंसेवकों ने पूरे दिन सेवा कार्य किया, जबकि 202 लाभार्थियों ने विभिन्न गतिविधियों में भाग लेकर उत्सव का आनंद लिया। कार्यक्रम में टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल के कैंसर प्रभावित बच्चे और उनके माता-पिता, लाइफ ब्लड काउंसिल के थैलेसीमिया मरीज, धर्म भारती मिशन के वंचित बच्चे, टीम विज़न के दृष्टिबाधित सदस्य, शिवकृपा फाउंडेशन एवं ऑल सेंट्स होम के वरिष्ठ नागरिकों के साथ-साथ बीएमसी के ए, बी और सी वार्ड के सफाई कर्मियों की सहभागिता रही। सभी अतिथियों का स्वागत एनएसएस स्वयंसेवकों ने पारंपरिक एनएसएस क्लैप के माध्यम से किया।
मनोरंजन और सहभागिता से भरा रहा आयोजन
कार्यक्रम की शुरुआत मनोरंजक सत्रों से हुई, जहां विशेष रूप से तैयार किए गए पोस्टर, कटआउट और रंगीन सजावट ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। अतिथियों के लिए इंटरैक्टिव गेम्स का आयोजन किया गया, जिससे सभी वर्गों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हुई। अंताक्षरी कार्यक्रम आयोजन का मुख्य आकर्षण रहा, जिसमें दृष्टिबाधित प्रतिभागियों, सफाई कर्मियों, बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों और थैलेसीमिया प्रभावित अतिथियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से समाज को मिला सकारात्मक संदेश
सांस्कृतिक सत्र में गणेश वंदना, मराठी और हिंदी रेट्रो नृत्य, भजन-अभंग, नाट्यसंगीत और लोकप्रिय गीतों की प्रस्तुतियों ने माहौल को भावनात्मक और आनंदमय बना दिया। एनएसएस स्वयंसेवकों द्वारा प्रस्तुत नाटकों के माध्यम से देशभक्ति, कृतज्ञता और समाज में सेवा कार्यों के महत्व का सशक्त संदेश दिया गया।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर सभी सहभागी संगठनों को उपहार भेंट किए गए। विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों और कैंसर प्रभावित बच्चों को उपहार पैकेट देकर सम्मानित किया गया।
समग्र रूप से ‘आनंदोत्सव 2025’ एचएसएनसी विश्वविद्यालय और एनएसएस की सामाजिक प्रतिबद्धता, सेवा भावना और मानवीय संवेदना का प्रेरणादायक उदाहरण बनकर उभरा।



